राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता मामले में कोर्ट का बड़ा आदेश: FIR दर्ज करने का निर्देश, मुश्किलें बढ़ीं
राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता मामले में कोर्ट का बड़ा आदेश: FIR दर्ज करने का निर्देश, मुश्किलें बढ़ीं
लखनऊ: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता (भारतीय और ब्रिटिश) विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि मामले को CBI को ट्रांसफर करने का सुझाव दिया गया है।
यह आदेश भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर (कर्नाटक) द्वारा दायर याचिका पर आया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ब्रिटेन की नागरिकता रखते हुए भी इसे छिपाकर भारतीय पासपोर्ट और चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं, जो भारतीय कानून के खिलाफ है। उन्होंने भारतीय दंड संहिता (BNS), पासपोर्ट एक्ट, विदेशी अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत FIR और विस्तृत जांच की मांग की थी।
मामले की पृष्ठभूमि:
जनवरी 2026 में लखनऊ की विशेष MP/MLA अदालत ने याचिकाकर्ता की FIR दर्ज कराने की मांग खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि नागरिकता का मुद्दा तय करना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
इसके बाद विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को पक्षकार बनाया और गृह मंत्रालय (MHA) से 2019 के नोटिस समेत सभी संबंधित रिकॉर्ड मंगवाए।
कोर्ट ने कई सुनवाइयां कीं, जिनमें से कुछ चैंबर (बंद कमरे) में हुईं क्योंकि केंद्र ने मामले को संवेदनशील बताया। 15 अप्रैल 2026 को भी सुनवाई हुई थी।
आज के आदेश के बाद राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अगर FIR दर्ज होती है तो जांच में उनके पासपोर्ट, ब्रिटिश रिकॉर्ड, कंपनी फाइलिंग्स (जिनमें उन्हें ब्रिटिश नागरिक बताया गया था) और अन्य दस्तावेजों की जांच होगी।
कांग्रेस का रुख:
कांग्रेस ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं और यह पुराना, बेबुनियाद आरोप है। 2019 में भी सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह की याचिका खारिज कर दी थी।
क्या कहते हैं याचिकाकर्ता?
विग्नेश शिशिर ने दावा किया है कि उनके पास UK सरकार से संबंधित दस्तावेज और ईमेल हैं, जिनमें राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल ने UK चुनावों में वोटिंग की थी।
अब पुलिस या संबंधित थाने को कोर्ट के आदेश के मुताबिक FIR दर्ज करनी होगी। आगे की जांच CBI को सौंपी जा सकती है। यह मामला अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंचा है और राहुल गांधी या उनकी टीम इस आदेश के खिलाफ उच्चतर अदालत में जा सकती है।
यह विकास राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि लोकसभा में विपक्ष के नेता पर ऐसा गंभीर कानूनी मामला सामने आना कांग्रेस के लिए नई चुनौती पैदा कर रहा है।
