केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: नियम तोड़ा तो पुतेगी चेहरे पर कालिख
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: नियम तोड़ा तो पुतेगी चेहरे पर कालिख
रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार बड़ा फैसला लिया है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अब श्रद्धालुओं को मांस की दुकानें नहीं दिखेंगी। लंबे समय से तीर्थयात्रियों और स्थानीय संगठनों द्वारा की जा रही मांग के बाद प्रशासन ने गुप्तकाशी से लेकर गौरीकुंड तक मांस की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
आस्था का सम्मान: श्रद्धालुओं की शिकायतों का हुआ समाधान
हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए आते हैं। पूर्व में यात्रा मार्गों पर मांस की दुकानें खुली होने के कारण कई श्रद्धालु इसकी शिकायत करते थे, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती थी। अब प्रशासन के इस निर्णय से श्रद्धालुओं की यह बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी और यात्रा मार्ग अधिक सात्विक व स्वच्छ नजर आएगा।
कड़ा दंड: कालिख पोतने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
इस अभियान का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अशोक सेमवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई व्यापारी यात्रा के दौरान मांस बेचता हुआ पाया गया, तो उसके मुंह पर कालिख पोती जाएगी और साथ ही सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कपाट खुलने के एक सप्ताह पहले ही सभी दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद करना होगा।
महिला मंगल दलों के आंदोलन को मिली बड़ी सफलता
इस प्रतिबंध के पीछे केदारघाटी की महिलाओं का लंबा संघर्ष रहा है। शेरसी, रामपुर, सीतापुर, बड़ासू और गौरीकुंड की महिला मंगल दलों ने सड़कों पर उतरकर मांस और शराब के खिलाफ जोरदार आंदोलन किया था। महिलाओं की इस सक्रियता के बाद ही प्रशासन जागा और जिलाधिकारी वि विशाल मिश्रा ने व्यापारियों के साथ बैठक कर मांस की बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
दुकानों पर चस्पा किए गए नोटिस
जिलाधिकारी के आदेश के बाद समाजसेवी अशोक सेमवाल और गौ रक्षा विभाग के प्रदेश सचिव मोहन नौटियाल ने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर यात्रा मार्ग की दुकानों पर नोटिस चस्पा करने का काम शुरू कर दिया है।
प्रभावित क्षेत्र: गुप्तकाशी, नारायणकोटी, मैखंडा, फाटा, सीतापुर और सोनप्रयाग।
स्थिति: वर्तमान में लगभग दो दर्जन दुकानों में से 10 पर नोटिस लगा दिए गए हैं, बाकी पर मंगलवार को कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का आभार
मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद केदारघाटी के स्थानीय निवासियों और महिला मंगल दलों ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा का आभार जताया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्रा मार्ग की पवित्रता बनी रहेगी, बल्कि पूरी दुनिया में देवभूमि का सकारात्मक संदेश जाएगा।
