उत्तराखंड

​”पहाड़ की जवानी और पानी” का क्या हुआ? पीएम के दौरे से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल के उत्तराखंड दौरे से पहले, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार को घेरते हुए तीखे सवाल दागे हैं। गोदियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्वागत है, लेकिन उन्हें प्रदेश की जनता के इन 10 महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देना चाहिए:

​1. अंकिता भंडारी हत्याकांड और ‘वीआईपी’ का सच

​गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी मर्डर केस का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इस हत्याकांड में शामिल वह ‘वीआईपी’ कौन है जिसका नाम दबाया जा रहा है? उन्होंने तंज कसा कि पीएम कई बार उत्तराखंड आए, लेकिन उन्होंने एक बार भी अंकिता का नाम नहीं लिया। सीबीआई जांच के वादे का क्या हुआ?

​2. ‘पहाड़ का पानी और जवानी’ पर सवाल

​प्रधानमंत्री के 2017 के उस बयान को याद दिलाते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ उत्तराखंड के काम आएगी, गोदियाल ने पूछा कि असलियत में युवाओं के लिए क्या ठोस योजनाएं बनीं? आज स्थिति यह है कि युवा नशाखोरी और बेरोजगारी की चपेट में हैं।

​3. भर्ती घोटाले और पेपर लीक

​कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड अब भर्ती घोटालों और पेपर लीक के लिए बदनाम हो चुका है। सरकार ने इन धांधलियों को रोकने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए हैं?

​4. महिला अपराध में उत्तराखंड ‘नंबर वन’

​पीएम मोदी ने उत्तराखंड को देश का नंबर वन राज्य बनाने का वादा किया था। गोदियाल ने आरोप लगाया कि आज उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में महिला अपराध के मामले में नंबर एक पायदान पर पहुंच गया है। क्या यही वह ‘नंबर वन’ राज्य है जिसका वादा किया गया था?

​5. स्कूल बंद और शराब के ठेके चालू

​शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 826 सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में 55 नई शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। क्या राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार के पास शराब और खनन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा?

​6. मानव-वन्यजीव संघर्ष का आतंक

​पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते गुलदार और अन्य वन्यजीवों के हमलों पर चिंता जताते हुए गोदियाल ने पूछा कि ग्रामीण आबादी को इस आतंक से बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने क्या ठोस नीति बनाई है?

​7. उपनल कर्मियों का नियमितीकरण

​हजारों उपनल कर्मचारी लंबे समय से अपने नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। गोदियाल ने सवाल किया कि उनका भविष्य कब तक अधर में लटका रहेगा और सरकार इस पर चुप्पी क्यों साधे हुए है?

​8. बिगड़ती कानून व्यवस्था

​राज्य में कानून व्यवस्था के गिरते स्तर, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और पूर्व सैनिकों के साथ हो रही आपराधिक घटनाओं पर भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है।

​9. महंगाई और घरेलू गैस की कालाबाजारी

​आम जनता से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए गोदियाल ने कहा कि घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों और इसकी कालाबाजारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। प्रधानमंत्री को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

​10. खनन और राजस्व की नीति

​राज्य सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने के नाम पर किए जा रहे अनियंत्रित खनन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर हो रहे इस काम से राज्य का भला नहीं होने वाला।

​निष्कर्ष:

गणेश गोदियाल का कहना है कि प्रधानमंत्री को केवल चुनावी रोड शो तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उत्तराखंड की जनता के इन बुनियादी और गंभीर सवालों के जवाब भी देने चाहिए।

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