Monday, June 29, 2026
Latest:
राष्ट्रीय

​अल-नीनो का साया: इस साल औसत से कम बरसेगा मॉनसून, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

भीषण गर्मी और तपते सूरज के बीच मॉनसून को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साल 2026 के मॉनसून का पहला पूर्वानुमान जारी कर दिया है, जो खेती और पानी की उपलब्धता के लिहाज से चिंताजनक नजर आ रहा है।

​अल-नीनो का साया: इस साल औसत से कम बरसेगा मॉनसून, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

​नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में जहां पारा तेजी से चढ़ रहा है, वहीं मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी ने चिंता बढ़ा दी है। IMD के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ‘सामान्य’ से कम रहने वाला है।

​92% ही होगी बारिश, सामान्य से 8% की कमी

​मौसम विभाग (IMD) ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जून से सितंबर के दौरान होने वाली कुल बारिश दीर्घावधि औसत (LPA) का महज 92% रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान की भाषा में जब बारिश 96% से 104% के बीच होती है, तभी उसे ‘सामान्य’ माना जाता है। इस लिहाज से इस साल 8 फीसदी कम बारिश होने की आशंका है।

​अल-नीनो (El Niño) बनेगा विलेन

​कम बारिश के पीछे सबसे बड़ा कारण ‘अल-नीनो’ प्रभाव को माना जा रहा है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति बनने से मॉनसून की हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिसका सीधा असर भारत की बारिश पर पड़ता है।

​कहां होगी कितनी बारिश?

​मध्य भारत: यहां बारिश सामान्य से कम रहने की सबसे ज्यादा संभावना है, जो कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण किसानों के लिए चिंता का विषय है।

​उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत: उत्तर-पश्चिमी भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में राहत की खबर है; यहां बारिश सामान्य या उससे अधिक हो सकती है।

​पॉजिटिव IOD: सीजन के अंत तक हिंद महासागर में ‘पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल’ बनने की उम्मीद है, जो कमजोर पड़ते मॉनसून को थोड़ी मजबूती दे सकता है।

मॉनसून-2026 पूर्वानुमान की 5 मुख्य बातें

​कम बारिश का अनुमान: इस साल पूरे देश में मॉनसून की चाल सुस्त रहेगी और बारिश सामान्य से कम होगी।

​LPA का 92%: कुल वर्षा लंबी अवधि के औसत (LPA) का केवल 92% रहने की संभावना है।

​अल-नीनो का प्रभाव: प्रशांत महासागर में बन रही अल-नीनो की स्थिति बारिश को कमजोर करेगी।

​खेती पर संकट: देश के मध्य हिस्सों में कम बारिश के चलते फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

​अगला अपडेट मई में: मौसम विभाग मई 2026 के आखिरी हफ्ते में दूसरा अपडेटेड पूर्वानुमान जारी करेगा, जिसमें क्षेत्रीय आधार पर सटीक जानकारी दी जाएगी।

​मौसम का हाल: वर्तमान में देश भर में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। पिछले हफ्ते हुई हल्की बारिश के बाद अब दिल्ली और उत्तर भारत के राज्यों में लू (Heatwave) जैसे हालात बनने लगे हैं। ऐसे में कम बारिश का यह पूर्वानुमान आने वाले समय में जल संकट और महंगाई की चुनौती भी पेश कर सकता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *