राजनीति

​SSC घोटाला: पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के घर ED की ‘सरप्राइज’ रेड, चुनाव से पहले फिर गरमाया भर्ती घोटाला

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सियासी पारा गरमा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के खिलाफ अपना शिकंजा कस दिया है।

​SSC घोटाला: पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के घर ED की ‘सरप्राइज’ रेड, चुनाव से पहले फिर गरमाया भर्ती घोटाला

​कोलकाता: शनिवार, 11 अप्रैल 2026 की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने करोड़ों रुपये के स्कूल सेवा आयोग (SSC) भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की। भारी केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) के साथ पहुंची ED की टीम ने पार्थ चटर्जी के ‘नाकतला’ स्थित घर को चारों तरफ से घेर लिया और घंटों तक सघन तलाशी और पूछताछ की।

​क्यों हुई यह कार्रवाई?

​सूत्रों के अनुसार, पार्थ चटर्जी को पिछले कुछ हफ्तों में ED ने तीन बार समन जारी किया था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेश होने से इनकार कर दिया था।

​बहाना या बीमारी: चटर्जी ने जांच अधिकारियों को सुझाव दिया था कि वे उनसे या तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ करें या फिर उनके घर आकर बात करें।

​नया सबूत: ED को हालिया जांच में कुछ नए वित्तीय लेन-देन और दस्तावेज़ मिले हैं, जिनका सामना कराने के लिए टीम सीधे उनके घर पहुंची।

​प्रसन्न रॉय के ठिकानों पर भी एक्शन

​पार्थ चटर्जी के साथ-साथ, ED ने न्यू टाउन इलाके में घोटाले के कथित बिचौलिए प्रसन्न कुमार रॉय के दफ्तर और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की। प्रसन्न रॉय को इस पूरे सिंडिकेट की एक अहम कड़ी माना जाता है।

​मामले का बैकग्राउंड

​2022 की गिरफ्तारी: पार्थ चटर्जी को पहली बार जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घरों से लगभग ₹50 करोड़ नकद और भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ था।

​जमानत पर बाहर: लंबे समय तक जेल में रहने के बाद, पार्थ चटर्जी हाल ही में सशर्त जमानत पर बाहर आए थे।

​राजनीतिक झटका: गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन्हें मंत्री पद और पार्टी के सभी पदों से निलंबित कर दिया था।

​2026 चुनाव पर असर

​पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच यह छापेमारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

​सियासी घमासान: भाजपा और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर ममता सरकार पर हमलावर हैं, वहीं TMC इसे ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करार दे रही है।

​26,000 नौकरियों का मुद्दा: हाल ही में अदालती फैसलों और नियुक्तियों के रद्द होने से प्रभावित हुए हजारों उम्मीदवारों के बीच यह मुद्दा काफी संवेदनशील बना हुआ है।

​ताजा स्थिति: खबर लिखे जाने तक ED की टीम पार्थ चटर्जी के घर मौजूद है और डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ बैंक स्टेटमेंट की जांच कर रही है।

​निष्कर्ष: पार्थ चटर्जी के घर पर दोबारा हुई यह रेड संकेत देती है कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले इस घोटाले की अंतिम कड़ियों को जोड़ने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *