ईरान का बड़ा दांव! होर्मुज की खाड़ी पर बढ़ाया नियंत्रण, अब जहाजों को लेना होगा ‘नया रास्ता’
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव ने 2026 में वैश्विक तेल बाजार और कूटनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना दबदबा बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
ईरान का बड़ा दांव! होर्मुज की खाड़ी पर बढ़ाया नियंत्रण, अब जहाजों को लेना होगा ‘नया रास्ता’
तेहरान/दुबई: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने एक बार फिर अपना ‘खेल’ शुरू कर दिया है। हालिया युद्ध (2026 ईरान युद्ध) के बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने घोषणा की है कि मुख्य जलमार्ग में समुद्री बारूदी सुरंगों (Sea Mines) के खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अब ईरान द्वारा निर्धारित ‘वैकल्पिक रास्तों’ से गुजरना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुरक्षा के बहाने होर्मुज पर अपना पूर्ण प्रशासनिक और सैन्य नियंत्रण (Tehran Tollbooth) स्थापित करने की ईरान की सोची-समझी चाल है।
क्या है ईरान की नई चाल?
ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना दबदबा बढ़ाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
ट्रैफिक कंट्रोल: ईरान ने मुख्य रूट को असुरक्षित घोषित कर जहाजों को उन रास्तों पर मोड़ दिया है जो ईरानी तट के अधिक करीब हैं। इससे ईरान को हर गुजरते जहाज की निगरानी और तलाशी लेने का सीधा मौका मिल गया है।
ट्रांजिट फीस (Tehran Tollbooth): युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ‘ट्रांजिट शुल्क’ वसूलना शुरू किया है। चीन और भारत जैसे देशों के उन जहाजों को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्हें ईरान ‘मित्र राष्ट्र’ मानता है।
सीजफायर और शर्तें: अमेरिका के साथ हालिया दो सप्ताह के अस्थाई युद्धविराम के बावजूद, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और ‘शत्रु देशों’ (अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी) के जहाजों को रास्ता नहीं देगा।
दुनिया के लिए क्यों बढ़ी टेंशन?
होर्मुज की खाड़ी दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण ‘चोकपॉइंट’ है:
20% कच्चा तेल: दुनिया का हर पांचवां तेल टैंकर इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
गैस की सप्लाई: दुनिया की 20% LNG (तरल प्राकृतिक गैस) यहीं से सप्लाई होती है।
कीमतों में उछाल: ईरान द्वारा रास्ते बदलने और जहाजों को रोकने की खबरों से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
अमेरिका और सहयोगियों की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने ईरान के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानूनों (UNCLOS) का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि व्यापारिक जहाजों का रास्ता रोका गया, तो अमेरिकी नौसेना उन्हें ‘एस्कॉर्ट’ (सुरक्षा घेरे में) कर बाहर निकालेगी। वहीं, इजरायल भी ईरान के इन बढ़ते कदमों पर पैनी नजर रखे हुए है।
मुख्य बिंदु:
ईरान ने होर्मुज में ‘वैकल्पिक समुद्री मार्ग’ अनिवार्य किए।
सुरक्षा का हवाला देकर जहाजों की निगरानी तेज की।
एशियाई देशों (भारत-चीन) के जहाजों को ‘विशेष अनुमति’ से गुजरने की छूट।
होर्मुज पर ईरान का ‘टोल सिस्टम’ प्रभावी रूप से लागू।
निष्कर्ष: ईरान ने होर्मुज को एक सैन्य हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह नया ‘रास्ता’ केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को यह दिखाने के लिए है कि इस जलमार्ग की चाबी अब पूरी तरह तेहरान के हाथ में है।
