रूस-यूक्रेन युद्ध: लुहांस्क की कोयला खदान पर हमला, बिजली कटने से 41 खनिक जमीन के नीचे फंसे
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच लुहांस्क क्षेत्र से एक दुखद खबर आ रही है, जहाँ एक कोयला खदान पर हुए हमले के बाद कई खनिक जमीन के नीचे फंस गए हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध: लुहांस्क की कोयला खदान पर हमला, बिजली कटने से 41 खनिक जमीन के नीचे फंसे
रूस के नियंत्रण वाले लुहांस्क (Luhansk) क्षेत्र में स्थित बिलोरिचेंस्का (Bilorichenska) कोयला खदान पर आज सुबह एक भीषण हमला हुआ। यूक्रेन की ओर से किए गए इस हमले में खदान को बिजली की आपूर्ति करने वाले एक पावर सबस्टेशन को निशाना बनाया गया, जिससे खदान की बिजली पूरी तरह गुल हो गई और वहां काम कर रहे 41 खनिक (Miners) जमीन के नीचे फंस गए।
घटना के मुख्य बिंदु:
* पावर सबस्टेशन तबाह: हमले के कारण सबस्टेशन में भारी क्षति हुई है, जिससे खदान की लिफ्ट और वेंटिलेशन सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है।
* बचाव कार्य जारी: लुहांस्क के रूस समर्थित प्रमुख लियोनिद पासेचनिक (Leonid Pasechnik) ने बताया कि सभी संबंधित राहत एजेंसियां और रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद हैं। खनिकों को बाहर निकालने के लिए बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
* संपर्क स्थापित: अधिकारियों के अनुसार, फंसे हुए खनिकों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। राहत की बात यह है कि उनके पास पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति है और वे सुरक्षित स्थान पर हैं।
युद्ध का बढ़ता प्रभाव
यह घटना पिछले कुछ दिनों में ऊर्जा और बुनियादी ढांचों (Infrastructure) पर बढ़ते हमलों का हिस्सा है। लुहांस्क क्षेत्र लंबे समय से दोनों देशों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। इस हमले ने एक बार फिर युद्ध क्षेत्र में काम कर रहे आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगला कदम:
विशेषज्ञों का कहना है कि खदान के भीतर ऑक्सीजन की कमी एक बड़ी चुनौती हो सकती है, इसलिए आपातकालीन जनरेटर के जरिए वेंटिलेशन शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। रूस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, जबकि यूक्रेन की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अपडेट: बचाव दल खदान के वैकल्पिक रास्तों का भी निरीक्षण कर रहे हैं ताकि यदि बिजली बहाल होने में देरी हो, तो खनिकों को मैन्युअल तरीके से बाहर निकाला जा सके।
