असम के बरपेटा में बोले पीएम मोदी: “कांग्रेस की हार की लगेगी सेंचुरी, असम के लोग बनाएंगे रिकॉर्ड”
असम के बरपेटा में बोले पीएम मोदी: “कांग्रेस की हार की लगेगी सेंचुरी, असम के लोग बनाएंगे रिकॉर्ड”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के बरपेटा में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस सभा में पीएम मोदी ने दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनेगा।
प्रमुख घोषणाएं और दावे:
* हार की सेंचुरी: पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में बैठे कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ के नामदारों की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड असम की जनता ही बनवाएगी।
* बीजेपी की हैट्रिक: उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार असम में बीजेपी-एनडीए की जीत की हैट्रिक लगना तय है।
* स्थापना दिवस की बधाई: पीएम ने बीजेपी के स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि पार्टी ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) के मंत्र के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की ओर बढ़ रही है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विशेष सत्र का ऐलान
प्रधानमंत्री ने महिलाओं की भागीदारी को लेकर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा:
* विकसित भारत के लिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भूमिका सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
* देश की बेटियों ने इस हक के लिए 40 साल इंतजार किया है।
* विशेष सत्र: 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू करने के लिए कानून में जरूरी संशोधन हेतु सरकार ने 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने सभी दलों से इसमें सर्वसम्मति से सहयोग देने की अपील की।
किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
पीएम मोदी ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए कांग्रेस को किसान विरोधी बताया:
* MSP का अंतर: उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 10 साल (2004-2014) में धान किसानों को सिर्फ ₹4 लाख करोड़ मिले, जबकि बीजेपी के 10 साल में ₹16 लाख करोड़ दिए गए।
* धान की कीमत: 2013 में धान का एमएसपी मात्र ₹1,300/क्विंटल था, जो अब बढ़कर लगभग ₹2,370/क्विंटल हो गया है।
असम के लिए ‘ग्लोबल विजन’
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि उनका ध्यान केवल ‘शॉर्ट-टर्म’ भ्रष्टाचार पर रहा। उन्होंने असम के भविष्य के लिए अपना रोडमैप साझा किया:
* पिछला दशक: असम को डर, अस्थिरता से बाहर निकालने और इसकी पहचान बचाने के लिए समर्पित था।
* अगला दशक: असम को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने और इसकी सांस्कृतिक व आर्थिक पहचान को ग्लोबल स्टेज (वैश्विक मंच) पर ले जाने के लिए होगा।
प्रधानमंत्री का तंज: “कांग्रेस कभी जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर नहीं जाती क्योंकि उनके पास दिखाने को कुछ नहीं है, जबकि बीजेपी साफ नीयत से अपनी सेवा का हिसाब देती है।”
