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एलपीजी संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम: अब बिना कनेक्शन मिलेगा मिनी गैस सिलेंडर, आम जनता को मिली राहत

एलपीजी संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम: अब बिना कनेक्शन मिलेगा मिनी गैस सिलेंडर, आम जनता को मिली राहत

नई दिल्ली: देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बनी अनिश्चितता और बढ़ती कालाबाजारी के बीच केंद्र सरकार ने आम आदमी, विशेषकर प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए एक बड़ी राहत योजना शुरू की है। सरकार ने मिनी FTL (Free Trade LPG) गैस सिलेंडरों को एजेंसियों के माध्यम से सीधे उपलब्ध कराने की नई पहल की है।

बिना कागजी कार्रवाई के हाथो-हाथ मिलेगा सिलेंडर

अब उपभोक्ताओं को पारंपरिक गैस कनेक्शन के लंबे इंतजार और जटिल दस्तावेजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कोई भी व्यक्ति केवल अपना आधार कार्ड या कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाकर मिनी सिलेंडर खरीद सकता है।

कीमत और रिफिल का विवरण:

* नया सिलेंडर: शुरुआती कीमत लगभग 1581 रुपये रखी गई है।

* गैस रिफिल: 5 किलो गैस की रिफिल मात्र 600 रुपये में उपलब्ध होगी।

छात्रों और प्रवासी मजदूरों को मिली ‘ब्लैक’ से आजादी

यह सुविधा उन लोगों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो रही है जो अस्थायी रूप से दूसरे शहरों में रहते हैं।

* किरायेदार और छात्र: स्थायी पता प्रमाण (Address Proof) न होने के कारण इन्हें पहले कनेक्शन नहीं मिलता था।

* महंगाई की मार: गैस संकट के कारण जो सिलेंडर पहले 100-200 रुपये महंगे मिलते थे, उनकी कीमतें ब्लैक मार्केट में 6,000 से 7,000 रुपये तक पहुँच गई थीं। सरकारी हस्तक्षेप के बाद अब यह बोझ कम होगा।

उपयोग और कार्यक्षमता

विशेषज्ञों के अनुसार, यह 5 किलो का मिनी सिलेंडर एक छोटे परिवार या अकेले रहने वाले व्यक्ति के लिए 15 से 20 दिनों तक आसानी से चल सकता है। यह न केवल किफायती है, बल्कि इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना भी बेहद आसान है।

आपूर्ति पर सरकार का स्पष्टीकरण: “घबराने की जरूरत नहीं”

देशभर में गैस की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है:

* पर्याप्त भंडार: सरकार का दावा है कि देश में एलपीजी, सीएनजी और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है।

* युद्ध का प्रभाव: ईरान युद्ध की स्थिति के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला में कुछ रुकावटें आई हैं।

* विकल्प की तलाश: भारतीय तटों तक सुरक्षित तरीके से ईंधन पहुँचाने के लिए वैकल्पिक रास्तों और जहाजों को लाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं।

निष्कर्ष: सरकार की इस पहल से न केवल गैस की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी, बल्कि समाज के उस वर्ग को सीधा लाभ होगा जो अब तक महंगे ईंधन की मार झेल रहा था।

 

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