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खरमास 2026 शुरू! 15 मार्च से लग रहा है मीन संक्रांति खरमास, जानें कब तक रहेगा और क्या करें-क्या न करें

खरमास 2026 शुरू! 15 मार्च से लग रहा है मीन संक्रांति खरमास, जानें कब तक रहेगा और क्या करें-क्या न करें

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में खरमास (जिसे मलमास भी कहते हैं) का दूसरा दौर शुरू हो रहा है। यह अवधि 15 मार्च 2026 (रविवार) से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) तक चलेगी। सूर्य देव 14 मार्च की रात (लगभग 1:00 से 3:00 बजे के बीच, विभिन्न पंचांगों में थोड़ा अंतर) मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके कारण खरमास का आरंभ 15 मार्च से माना जा रहा है।

यह खरमास मीन संक्रांति के साथ जुड़ा है और लगभग 30-31 दिन तक रहेगा। 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास समाप्त हो जाएगा और शुभ-मांगलिक कार्य फिर शुरू हो सकेंगे।

खरमास क्यों लगता है?

ज्योतिष शास्त्र में जब सूर्य गुरु की राशियों (धनु या मीन) में गोचर करते हैं, तो यह समय अशुभ माना जाता है। सूर्य और बृहस्पति की शक्ति कमजोर होने से मांगलिक कार्यों में बाधा आती है। साल में दो बार खरमास आता है—एक दिसंबर-जनवरी (धनु संक्रांति) और दूसरा मार्च-अप्रैल (मीन संक्रांति) में।

खरमास में क्या न करें (वर्जित कार्य)?

इस दौरान भूलकर भी ये काम न करें, क्योंकि इन्हें अशुभ फल देने वाला माना जाता है:

विवाह, सगाई या रिश्ता तय करना

गृह प्रवेश या नए घर में शिफ्ट होना

मुंडन, नामकरण या अन्य संस्कार

नए व्यवसाय/दुकान की शुरुआत या बड़ा निवेश

कोई भी नया निर्माण कार्य शुरू करना

शादी-ब्याह की बातचीत या फाइनल डिसीजन

खरमास में क्या करें (शुभ कार्य और नियम)?

इस समय आध्यात्मिक और शांत रहना बेहतर है। ये काम कर सकते हैं और फायदेमंद माने जाते हैं:

रोज सूर्य देव को अर्घ्य दें (तांबे के लोटे से जल, लाल फूल, अक्षत और सिंदूर मिलाकर)

जप, तप, ध्यान, पूजा-पाठ और धार्मिक ग्रंथ पढ़ना

दान-पुण्य करना (विशेषकर गरीबों, ब्राह्मणों या मंदिर में)

सात्विक भोजन, ब्रह्मचर्य और शांति बनाए रखना

पुरानी योजनाओं पर काम जारी रखें, लेकिन नए मुहूर्त वाले काम टालें

खरमास में चैत्र नवरात्रि भी पड़ रही है, लेकिन नवरात्रि के दौरान कुछ पूजा-पाठ की अनुमति रहती है। अगर कोई महत्वपूर्ण कार्य है तो पंडित जी से सलाह लें।

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