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ईरान पर अमेरिका का प्रचंड प्रहार: खार्ग द्वीप के सैन्य ठिकाने तबाह, ‘ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर’ को लेकर ट्रंप की बड़ी चेतावनी

मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। 13-14 मार्च, 2026 की दरम्यानी रात अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल हब खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर भीषण बमबारी की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे “मध्य पूर्व के इतिहास के सबसे शक्तिशाली हवाई हमलों में से एक” बताया है।

यहाँ घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट है:

ईरान पर अमेरिका का प्रचंड प्रहार: खार्ग द्वीप के सैन्य ठिकाने तबाह, ‘ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर’ को लेकर ट्रंप की बड़ी चेतावनी

तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (Operation Epic Fury) ने अब तक का सबसे खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के ‘क्राउन ज्वेल’ कहे जाने वाले खार्ग द्वीप पर चौतरफा हमला बोलकर वहां मौजूद सैन्य सुरक्षा घेरे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

हमले की मुख्य बातें: क्या-क्या हुआ तबाह?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, इस मिशन का मुख्य उद्देश्य खार्ग द्वीप की सैन्य क्षमता को खत्म करना था:

* सैन्य ठिकाने ‘नेस्तनाबूद’: ट्रंप ने दावा किया कि द्वीप पर मौजूद हर एक सैन्य लक्ष्य (Military Target) को “पूरी तरह से मिटा” दिया गया है।

* जोशन नेवल बेस और एयरपोर्ट: रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में ईरान के जोशन नौसैनिक अड्डे, एयरपोर्ट कंट्रोल टावर और हेलीकॉप्टर हैंगर्स को भारी नुकसान पहुंचा है।

* वायु रक्षा प्रणाली ध्वस्त: द्वीप की सुरक्षा में तैनात ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को अमेरिकी मिसाइलों ने पहले ही चरण में बेकार कर दिया।

तेल के खजाने पर सस्पेंस: क्या सुरक्षित है ऑयल टर्मिनल?

खार्ग द्वीप ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का 90% हिस्सा संभालता है। इसे लेकर स्थिति इस प्रकार है:

* ट्रंप का बयान: ट्रंप ने कहा, “मर्यादा और शालीनता के नाते मैंने अभी तेल के बुनियादी ढांचे (Oil Infrastructure) को निशाना नहीं बनाने का फैसला किया है।”

* ईरानी मीडिया का दावा: ईरानी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने पुष्टि की है कि तेल सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और तेल का काम फिलहाल सुरक्षित है।

* चेतावनी: ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों का रास्ता रोकने की कोशिश की, तो वे तेल के खजाने को भी राख में तब्दील कर देंगे।

युद्ध का नया चरण: ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार को भारी चोट पहुंचाई है। अब तक 15,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।

ईरान की जवाबी धमकी: ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उनके ऊर्जा केंद्रों पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और उनके सहयोगियों के तेल ठिकानों को “राख” बना देंगे।

ग्लोबल इम्पैक्ट: क्यों महत्वपूर्ण है यह हमला?

* कच्चा तेल: खार्ग द्वीप पर हमले की खबर से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।

* सामरिक महत्व: यह द्वीप मैनहट्टन के आकार का एक तिहाई है और फारस की खाड़ी में ईरान की लाइफलाइन माना जाता है।

 

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