UP बोर्ड की मार्कशीट अब ‘सुपर ड्यूरेबल’! न फटेगी, न भीगने पर खराब होगी, 16 सिक्योरिटी फीचर्स से लैस
UP बोर्ड की मार्कशीट अब ‘सुपर ड्यूरेबल’! न फटेगी, न भीगने पर खराब होगी, 16 सिक्योरिटी फीचर्स से लैस
लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने छात्रों के लिए बड़ा सरप्राइज दिया है! अब 10वीं और 12वीं की मार्कशीट में इस्तेमाल होने वाला कागज इतना मजबूत है कि न हाथ से फटेगी, न पानी में भीगने पर खराब होगी—यहां तक कि दीमक भी इसे नष्ट नहीं कर पाएगी। यह बदलाव 2025 से लागू हुआ और 2026 के रिजल्ट्स में भी जारी रहेगा, जिससे फर्जी मार्कशीट बनाना लगभग नामुमकिन हो गया है।
नई मार्कशीट की खासियतें क्या हैं?
नॉन-टीयरेबल और वाटरप्रूफ पेपर: A4 साइज का स्पेशल सिंथेटिक/ड्यूरेबल पेपर इस्तेमाल किया जा रहा है। पानी, चाय-कॉफी, सब्जी के छींटे या नमी से कोई असर नहीं पड़ता। हाथ से फाड़ना मुश्किल, आसानी से नहीं टूटती।
टर्माइट-प्रूफ: दीमक या कीड़ों से भी सुरक्षित—लंबे समय तक चलने वाली (70-100 साल तक का दावा)।
16 सिक्योरिटी फीचर्स: होलोग्राम, UV प्रोटेक्शन (धूप में लोगो चमकता है, छाया में गायब), वॉटरमार्क, टैंपर-प्रूफ इंक, सिक्योरिटी कोडिंग, फोटोकॉपी पर ‘PHOTOCOPY’ लिखा आता है, और कई अदृश्य फीचर्स जो सिर्फ स्पेशल लेंस या UV लाइट से दिखते हैं।
टैंपर-प्रूफ: कोई मिटा या बदल नहीं सकता—स्क्रैच या ओवरराइट करने पर पता चल जाता है।
लैमिनेशन की जरूरत नहीं: खुद ही मजबूत होने से लैमिनेट करने की टेंशन खत्म।
UP बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि यह पहली बार है जब मार्कशीट और सर्टिफिकेट के साथ टैबुलेशन रजिस्टर (TR) भी इसी ड्यूरेबल पेपर पर छप रहे हैं। इससे फर्जीवाड़ा रोकने में बड़ी मदद मिलेगी, और छात्रों को स्थायी, सुरक्षित दस्तावेज मिलेंगे। पहले से ही DigiLocker पर इंस्टेंट डिजिटल मार्कशीट भी उपलब्ध हो रही है।
क्यों लिया गया ये फैसला?
पिछले सालों में फर्जी मार्कशीट के कई मामले सामने आए थे। नई टेक्नोलॉजी से असली-नकली की जांच आसान हो गई है। छात्रों को अब पुरानी तरह की मार्कशीट की चिंता नहीं—बारिश में भीग जाए या फट जाए, तो भी सेफ!
