‘जिंदा तो हैं, लेकिन घायल हैं मुज्तबा खामेनेई’ – ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा!
‘जिंदा तो हैं, लेकिन घायल हैं मुज्तबा खामेनेई’ – ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा!
वाशिंगटन/तेहरान: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध (2026 Iran War) में अब मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की हालत पर बड़ा विवाद! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 मार्च 2026 को फॉक्स न्यूज के “द ब्रायन किलमीड शो” में दिए इंटरव्यू में दावा किया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई “जिंदा तो हैं, लेकिन घायल (damaged) हैं” और “किसी न किसी रूप में जीवित हैं”। ट्रंप ने कहा: “मुझे लगता है कि वो शायद जिंदा हैं। मुझे लगता है कि उन्हें चोट लगी है, लेकिन वो शायद किसी न किसी रूप में जिंदा हैं, आप जानते हैं।”
क्या है पूरा मामला?
मुज्तबा खामेनेई (56 साल) को अली खामेनेई (उनके पिता) की मौत के बाद 9 मार्च 2026 को ईरान के नए सुप्रीम लीडर के रूप में चुना गया था। अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के पहले हमले (Operation Epic Fury) में हुई थी।
मुज्तबा ने पद संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए – न कोई फोटो, न वीडियो, न स्पीच। ईरानी स्टेट टीवी ने उन्हें “war-wounded” (युद्ध में घायल) बताया, और एक अधिकारी ने Reuters को कहा कि वो “लाइटली इंजर्ड” हैं लेकिन काम कर रहे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स (The Sun, New York Times) में दावा है कि मुज्तबा को पैरों में चोट, कोमा, एक पैर कटना या लिवर/पेट में गंभीर चोट लगी है। ईरान ने इसे खारिज नहीं किया, लेकिन कन्फर्म भी नहीं किया।
ट्रंप का ये बयान इसी स्पेकुलेशन पर आया – वो पहले कह चुके हैं कि मुज्तबा “लाइटवेट” हैं और “लॉन्ग नहीं चलेंगे”। ट्रंप ने कहा कि अगर मुज्तबा अमेरिका की मांगें नहीं मानते तो वो “पीस में नहीं रह पाएंगे”।
ईरान की तरफ से क्या?
ईरानी अधिकारी ने कहा: मुज्तबा हल्के रूप से घायल हैं लेकिन ऑपरेट कर रहे हैं। वो एक सिक्योर लोकेशन पर हैं, लिमिटेड कम्युनिकेशन के साथ।
ईरान ने ट्रंप के दावे पर अभी कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन स्टेट मीडिया ने मुज्तबा को “युद्ध के घायल वेटरन” बताया।
कुछ रिपोर्ट्स में ईरान ने मुज्तबा का एक टेक्स्ट मैसेज जारी किया (बिना ऑडियो/वीडियो), जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध में पीछे नहीं हटेगा – लेकिन ये भी सवाल उठा रहा है कि वो क्यों पर्सनली नहीं बोल रहे।
क्यों है ये दावा इतना बड़ा?
ट्रंप की बात से स्पेकुलेशन और बढ़ गया – क्या मुज्तबा सच में गंभीर रूप से घायल हैं? क्या ईरान छुपा रहा है? या ये अमेरिका की साइकोलॉजिकल वारफेयर है?
युद्ध के 15वें दिन ईरान की लीडरशिप पर सवाल उठ रहे हैं – अगर सुप्रीम लीडर कमजोर है तो IRGC और मिलिशिया का क्या रोल होगा?
भारत पर असर: होर्मुज स्ट्रेट में तनाव जारी – ईरान ने भारत के जहाजों को सेफ पैसेज देने का वादा किया है, लेकिन लीडरशिप अनिश्चितता से एनर्जी क्राइसिस बढ़ सकता है।
ट्रंप का ये बयान युद्ध की इन्फॉर्मेशन बैटल का हिस्सा लगता है – ईरान को कमजोर दिखाने की कोशिश! क्या आपको लगता है मुज्तबा सच में घायल हैं या ये प्रोपेगैंडा है? कमेंट में बताएं।
