ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के बीच बड़ा राहत संकेत! ‘भारत दोस्त है, होर्मुज स्ट्रेट से इंडिया के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देंगे’ – ईरान राजदूत मोहम्मद फतहली का बड़ा बयान
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के बीच बड़ा राहत संकेत! ‘भारत दोस्त है, होर्मुज स्ट्रेट से इंडिया के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देंगे’ – ईरान राजदूत मोहम्मद फतहली का बड़ा बयान
नई दिल्ली: 13 मार्च 2026 को दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहली (Mohammad Fathali) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर भारत के जहाजों को लेकर सकारात्मक और बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत ईरान का दोस्त है, इसलिए भारतीय जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) दिया जाएगा। राजदूत ने संकेत दिया कि ये व्यवस्था 2-3 घंटों में स्पष्ट हो सकती है!
क्या कहा ठीक-ठीक राजदूत ने?
जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या ईरान भारत को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देगा, तो फतहली ने जवाब दिया: “हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप इसे दो या तीन घंटे में देखेंगे।”
उन्होंने आगे कहा: “हमारा मानना है कि ईरान और भारत दोस्त हैं। हमारे हित एक जैसे हैं, हमारी आस्था एक जैसी है।”
राजदूत ने जोर दिया कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से सहयोग और विश्वास का रिश्ता है, और क्षेत्रीय हित साझा हैं।
ये बयान ऐसे समय आया जब ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है – कई रिपोर्ट्स में भारतीय जहाजों को रोकने या खतरे की बातें आई थीं।
क्यों है ये बयान इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है – यहां से गुजरने वाला 20-30% वैश्विक तेल और भारत का लगभग 60-80% तेल आयात होता है।
ईरान ने हाल के दिनों में स्ट्रेट पर नियंत्रण बढ़ाया है – जहाजों को ईरानी नेवी से कोऑर्डिनेट करने को कहा गया है।
भारत ने ईरान के विदेश मंत्री से बात की थी (S. जयशंकर और Seyed Araghchi के बीच कॉल), जिसमें शिपिंग सेफ्टी पर चर्चा हुई।
पहले कुछ रिपोर्ट्स में ईरान ने इनकार किया था, लेकिन राजदूत का ये बयान भारत के लिए डिप्लोमैटिक जीत जैसा है – खासकर जब LPG, ATF और पेट्रोल-डीजल संकट चल रहा है।
इंडियन फ्लैग्ड टैंकरों (करीब 28 जहाज, 778 भारतीय नाविक) को अब सुरक्षित निकलने की उम्मीद है।
भारत सरकार और ईरान की तरफ से क्या स्थिति?
MEA ने पहले कहा था कि बातचीत जारी है, लेकिन “premature” रिपोर्ट्स पर टिप्पणी नहीं की।
ईरान की तरफ से ये पहला स्पष्ट संकेत है कि भारत को स्पेशल ट्रीटमेंट मिलेगा।
अगर लागू हुआ तो भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को बड़ा बूस्ट – LPG संकट और फ्यूल चार्ज बढ़ने की आशंका कम हो सकती है।
ये बयान दोनों देशों की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है। क्या आपको लगता है ये भारत की डिप्लोमेसी की कामयाबी है या ईरान का स्मार्ट मूव? कमेंट में बताएं।
