ईरान युद्ध और LPG संकट पर लोकसभा में राहुल गांधी का तीखा हमला: एपस्टीन फाइल्स का जिक्र कर हरदीप पुरी को घेरा, सदन में जबरदस्त हंगामा!
ईरान युद्ध और LPG संकट पर लोकसभा में राहुल गांधी का तीखा हमला: एपस्टीन फाइल्स का जिक्र कर हरदीप पुरी को घेरा, सदन में जबरदस्त हंगामा!
नई दिल्ली से सनसनीखेज अपडेट! बजट सत्र के दौरान आज (12 मार्च 2026) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध और देश में फैले LPG संकट पर सरकार को जमकर घेरा। राहुल ने सदन में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम का जिक्र करते हुए एपस्टीन फाइल्स (Jeffrey Epstein files) का मुद्दा उठाया, जिससे सदन में भारी हंगामा मच गया। स्पीकर ओम बिरला को राहुल का भाषण बीच में रोकना पड़ा, और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
राहुल गांधी का संबोधन: क्या-क्या कहा?
ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल: राहुल ने कहा कि हर राष्ट्र की नींव उसकी ऊर्जा सुरक्षा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने अपनी ऊर्जा नीति को अमेरिका के हाथों सौंप दिया है—”अमेरिका तय कर रहा है कि हम किससे तेल खरीदें, गैस खरीदें, रूस से तेल लें या नहीं। भारत जैसा बड़ा देश किसी अन्य राष्ट्र के राष्ट्रपति से इजाजत क्यों ले?” उन्होंने इसे “समझौते का हिस्सा” बताया।
ईरान युद्ध का असर: राहुल ने चेतावनी दी कि ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत पर “दूरगामी असर” पड़ेगा। “दर्द अभी शुरू हुआ है—रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, LPG को लेकर देशभर में पैनिक है, स्ट्रीट वेंडर प्रभावित हैं। यह सिर्फ शुरुआत है।”
एपस्टीन फाइल्स का जिक्र: राहुल ने हरदीप पुरी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मंत्री खुद को एपस्टीन का “दोस्त” बता चुके हैं। उन्होंने इसे ऊर्जा नीति में “समझौते” का “पजल” बताया। एपस्टीन फाइल्स में पुरी का नाम आने की खबरों का हवाला देते हुए राहुल ने सरकार पर विदेशी दबाव का आरोप लगाया।
सदन में क्या हुआ हंगामा?
राहुल के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध किया। BJP सांसदों ने इसे “विषय से भटकाव” बताया और राहुल पर “व्यक्तिगत हमला” का आरोप लगाया।
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को बीच में रोकते हुए कहा कि वे मूल मुद्दे (मध्य पूर्व संकट और ऊर्जा संकट) से हट रहे हैं। विपक्ष ने इसका विरोध किया, जिससे सदन में अफरा-तफरी मच गई। अंत में कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
यह दूसरा दिन था जब विपक्ष ने LPG संकट पर सरकार को घेरा। TMC सांसदों ने बर्तन बजाकर विरोध किया था।
सरकार की प्रतिक्रिया
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन में कहा कि घरेलू LPG में कोई कमी नहीं है, उत्पादन बढ़ाया गया है। लेकिन विपक्ष ने इसे “झूठ” बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल के आरोपों को “अफसोसजनक” बताया और कहा कि स्पीकर पूरे सदन के हैं।
यह घटना संसद में ऊर्जा संकट को राजनीतिक रंग दे रही है। दिल्ली में LPG की कतारें बढ़ रही हैं—आपका क्या कहना है? राहुल का एपस्टीन फाइल्स का जिक्र सही था या विषय से हटकर? कमेंट में बताएं!
