Thursday, March 12, 2026
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ईरान के नए सुप्रीम लीडर का कड़ा बयान: खाड़ी देशों पर हमले जारी रहेंगे, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखा जाएगा!

ईरान के नए सुप्रीम लीडर का कड़ा बयान: खाड़ी देशों पर हमले जारी रहेंगे, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखा जाएगा!

तेहरान से बड़ी खबर! ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक सख्त बयान जारी कर कहा है कि खाड़ी देशों पर हमले तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध खत्म नहीं होता। साथ ही, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद रखने की धमकी दोहराई है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद युद्ध दिन-प्रतिदिन तेज हो रहा है।

क्या है पूरा मामला? (मार्च 2026 अपडेट)

नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति: पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की इजराइली हवाई हमलों में मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को 9 मार्च 2026 को नया सुप्रीम लीडर चुना गया। 56 साल के मोजतबा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से गहरे जुड़े हैं और पिता की हार्डलाइन नीतियों को जारी रखने का संकेत दे रहे हैं।

हमलों का सिलसिला: नियुक्ति के कुछ घंटों बाद ही ईरान ने इजराइल और कई खाड़ी देशों (सऊदी अरब, बहरीन, UAE) पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए। बहरीन में एक हमले में 32 लोग घायल हुए, जबकि सऊदी के शायबाह ऑयल फील्ड पर ड्रोन हमलों को रोका गया। ईरान का कहना है कि ये हमले “आत्मरक्षा” हैं और तब तक जारी रहेंगे जब तक युद्ध खत्म नहीं होता।

होर्मुज बंद करने की धमकी: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने PBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि “जब तक युद्ध चलता रहेगा, होर्मुज से एक लीटर तेल भी नहीं गुजरने देंगे।” यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल निर्यात का 20% हिस्सा संभालता है, और इसका बंद होना तेल की कीमतों को $100 प्रति बैरल से ऊपर ले जा चुका है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च को एक प्रस्ताव पास कर ईरान से खाड़ी देशों पर हमले रोकने और होर्मुज खोलने की मांग की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि ईरान पर “20 गुना ज्यादा जोरदार” हमले किए जाएंगे। वहीं, ईरान के राजदूत ने UNSC के प्रस्ताव को “अमेरिका-इजराइल का एजेंडा” बताकर खारिज कर दिया।

भारत पर क्या असर?

दिल्ली में तेल की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं, और अगर होर्मुज बंद रहा तो पेट्रोल-डीजल ₹150 प्रति लीटर तक पहुंच सकता है। भारत ईरान से तेल आयात करता है, इसलिए सरकार वैकल्पिक रूट्स (जैसे सऊदी, इराक) पर फोकस कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह युद्ध लंबा चला तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में जा सकती है।

ईरान के इस बयान से मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। क्या यह युद्ध जल्द खत्म होगा या फैलेगा? आप क्या सोचते हैं—अमेरिका-इजराइल की जीत होगी या ईरान की? कमेंट में बताएं!

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