Thursday, March 12, 2026
Latest:
अन्तर्राष्ट्रीय

होर्मुज हमले पर थाईलैंड का फूटा गुस्सा: ईरान से मांगी माफी और तुरंत स्पष्टीकरण!

होर्मुज हमले पर थाईलैंड का फूटा गुस्सा: ईरान से मांगी माफी और तुरंत स्पष्टीकरण!

बैंकॉक से ताजा अपडेट! थाईलैंड सरकार ने ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर जारी हमलों और बंदी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। थाई प्रधानमंत्री स्रेता थाविसिन ने आज (12 मार्च 2026) एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, “होर्मुज में थाई जहाजों पर हुए हमलों का जवाब दो और माफी मांगो, वरना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई के लिए तैयार रहो!” यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है।

क्या हुआ है पूरा घटनाक्रम? (मार्च 2026 अपडेट)

होर्मुज पर हमले: ईरान ने अमेरिका-इजराइल के साथ जारी युद्ध के बीच होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया है। 10 मार्च को ईरान की नौसेना ने खाड़ी में कई जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिसमें एक थाई ऑयल टैंकर ‘Siam Pride’ को निशाना बनाया गया। हमले में जहाज को मामूली नुकसान पहुंचा और चालक दल के 5 सदस्य घायल हुए, जिनमें 3 थाई नागरिक शामिल हैं।

थाईलैंड की प्रतिक्रिया: थाई विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया। प्रधानमंत्री थाविसिन ने कहा, “यह हमला न सिर्फ थाई अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, बल्कि वैश्विक व्यापार को भी खतरे में डाल रहा है। ईरान तुरंत माफी मांगे और होर्मुज खोले, वरना हम UN और ASEAN के जरिए सख्त कदम उठाएंगे।” थाईलैंड ईरान से तेल आयात करता है, और होर्मुज बंद होने से वहां तेल की कीमतें 20% बढ़ चुकी हैं।

ईरान का जवाब: ईरान के विदेश मंत्रालय ने थाईलैंड के बयान को “अमेरिकी दबाव का नतीजा” बताते हुए खारिज कर दिया। ईरान का कहना है कि हमले “आत्मरक्षा” हैं और थाई जहाज “गलती से” निशाने पर आया। हालांकि, कोई औपचारिक माफी नहीं आई है।

अंतरराष्ट्रीय असर: संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही ईरान से होर्मुज खोलने की मांग की है। थाईलैंड की यह प्रतिक्रिया से दक्षिण-पूर्व एशिया के देश भी अलर्ट हो गए हैं। सिंगापुर और मलेशिया ने भी समर्थन जताया है। वैश्विक तेल कीमतें $110 प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं, जो 2022 के बाद सबसे ऊंची है।

भारत पर क्या प्रभाव?

दिल्ली में पहले से ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। अगर होर्मुज बंद रहा तो भारत का 80% तेल आयात प्रभावित होगा, जिससे महंगाई बढ़ सकती है। सरकार रूस और अन्य स्रोतों से वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि लंबे समय तक युद्ध चला तो आर्थिक मंदी आ सकती है।

यह घटना मध्य पूर्व संकट को वैश्विक बना रही है। क्या थाईलैंड की यह मांग ईरान पर दबाव बनाएगी या युद्ध और फैलेगा? आपकी राय क्या है—ईरान माफी मांगेगा या नहीं? कमेंट में बताएं!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *