Friday, September 11, 2026
Latest:
राष्ट्रीय

राजस्थान समेत 5 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट: अमरावती में 40.8°C तक पहुंचा पारा – मार्च में ही पसीना छुड़ाएगी गर्मी?

राजस्थान समेत 5 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट: अमरावती में 40.8°C तक पहुंचा पारा – मार्च में ही पसीना छुड़ाएगी गर्मी?

भारत में मार्च की शुरुआत ही भीषण गर्मी से हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र (विदर्भ क्षेत्र), आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हीटवेव (उष्ण लहर) का अलर्ट जारी किया है। आज (7 मार्च) अमरावती (महाराष्ट्र, विदर्भ) में सबसे ज्यादा 40.8°C तापमान दर्ज हुआ, जो देश के मैदानी इलाकों में सबसे ऊंचा है। कई जगहों पर तापमान सामान्य से 4-8°C तक ज्यादा है, जिससे मार्च में ही मई जैसी गर्मी महसूस हो रही है।

आज के प्रमुख अपडेट्स (IMD बुलेटिन के अनुसार):

हीटवेव अलर्ट:

हिमाचल प्रदेश और विदर्भ में 7-8 मार्च को हीटवेव (isolated pockets) की संभावना।

पश्चिमी राजस्थान में 10-11 मार्च को हीटवेव।

दक्षिण और मध्य आंध्र प्रदेश, रायलसीमा के कुछ जिलों और उत्तरी तमिलनाडु में 7-8 मार्च को हीटवेव + गर्म-आर्द्र मौसम (hot & humid)।

गुजरात के तटीय इलाकों (सौराष्ट्र-कच्छ) में 9-11 मार्च तक गर्म-आर्द्र स्थिति।

तापमान की स्थिति:

कल (6 मार्च) अमरावती में 40.8°C (सबसे ऊंचा) दर्ज।

राजस्थान में कई शहरों में 37-41°C रेंज: बाड़मेर 38.4°C, जैसलमेर-जोधपुर में 38-39°C के करीब।

उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल) में तापमान सामान्य से 8-12°C ज्यादा।

विदर्भ, तेलंगाना, रायलसीमा, आंध्र प्रदेश में 37-41°C।

5 राज्यों में अलर्ट क्यों?:

राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र (विदर्भ), आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है।

IMD ने कहा कि मार्च-मई में देश के ज्यादातर हिस्सों में हीटवेव के दिन सामान्य से ज्यादा रहेंगे।

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 3 दिनों तक तापमान 8-10°C ज्यादा रहेगा, फिर पश्चिमी विक्षोभ से थोड़ी गिरावट संभव।

मार्च में इतनी गर्मी क्यों?

जलवायु परिवर्तन और एल नीनो के प्रभाव से मौसम असामान्य।

फरवरी अंत से ही तापमान तेजी से बढ़ा।

राजस्थान में ज्योतिषियों और एक्सपर्ट्स का अनुमान: इस साल गर्मी रिकॉर्ड तोड़ सकती है (कुछ का दावा 50-55°C तक, लेकिन IMD ने अभी इतना नहीं कहा)।

मार्च में हीटवेव की शुरुआत असामान्य है – सामान्यतः अप्रैल-मई में होती है।

सावधानियां और प्रभाव:

डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक का खतरा – ज्यादा पानी पिएं, धूप में निकलने से बचें।

किसानों को सलाह: फसलों (गेहूं, सरसों, चना) में हल्की सिंचाई करें।

स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है – बुजुर्गों और बच्चों पर खास नजर रखें।

IMD का कहना है कि अगले हफ्ते कुछ जगहों पर तापमान में थोड़ी गिरावट संभव है (पश्चिमी विक्षोभ से), लेकिन गर्मी का दौर जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *