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US कोर्ट से ट्रंप को बड़ा झटका: कंपनियों को 175 अरब डॉलर का रिफंड देना होगा!

US कोर्ट से ट्रंप को बड़ा झटका: कंपनियों को 175 अरब डॉलर का रिफंड देना होगा!

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनकी टैरिफ नीति पर एक और करारा झटका लगा है! अमेरिका के यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड (U.S. Court of International Trade) के जज रिचर्ड ईटन ने बुधवार (4 मार्च 2026) को फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए अवैध टैरिफ का भुगतान करने वाली सभी कंपनियां रिफंड की हकदार हैं। यह फैसला फरवरी में सुप्रीम कोर्ट के 6-3 के बहुमत वाले फैसले पर आधारित है, जिसमें ट्रंप के इमरजेंसी टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया गया था।

जज ईटन ने स्पष्ट कहा कि “सभी इम्पोर्टर्स ऑफ रिकॉर्ड” (all importers of record) सुप्रीम कोर्ट के फैसले का लाभ उठा सकते हैं और उन्हें 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए डबल-डिजिट इंपोर्ट टैक्स का रिफंड मिलेगा। यह रिफंड प्रक्रिया अब शुरू हो सकती है, लेकिन सरकार अपील कर सकती है या स्टे मांग सकती है।

मुख्य डिटेल्स और प्रभाव:

कुल रिफंड अमाउंट: पेन व्हार्टन बजट मॉडल के अनुसार, कुल रिफंड 175 अरब डॉलर (करीब 16 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। अमेरिकी कस्टम्स ने दिसंबर 2025 तक 130 अरब डॉलर से ज्यादा वसूले थे, और कुल आंकड़ा इससे ज्यादा हो सकता है।

किसे मिलेगा फायदा?: हजारों कंपनियां (जैसे Atmus Filtration जैसी केस में शामिल) और इम्पोर्टर्स, जो इन टैरिफ का बोझ उठा चुके हैं। ये कंपनियां अब कोर्ट में क्लेम कर सकती हैं।

पृष्ठभूमि: सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2026 को ट्रंप के ग्लोबल इमरजेंसी टैरिफ को खारिज कर दिया, कहा कि राष्ट्रपति के पास अकेले टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है – यह कांग्रेस का क्षेत्र है।

ट्रंप प्रशासन का रिएक्शन: सरकार ने रिफंड प्रक्रिया को धीमा करने की कोशिश की, लेकिन फेडरल अपील कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने की बात कही, लेकिन नए टैरिफ के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी।

आर्थिक असर: इतना बड़ा रिफंड अमेरिकी बजट पर भारी पड़ेगा – ट्रांसपोर्टेशन और जस्टिस डिपार्टमेंट के सालाना खर्च से भी ज्यादा। डिले होने पर इंटरेस्ट भी जुड़ सकता है (करीब 700 मिलियन डॉलर प्रति माह)।

यह ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी पर दूसरा बड़ा कानूनी झटका है, जो उनकी “अमेरिका फर्स्ट” नीति को चुनौती दे रहा है। डेमोक्रेट्स ने भी बिल पेश किया है कि रिफंड जल्दी और इंटरेस्ट के साथ दिया जाए। प्रक्रिया में 12-18 महीने लग सकते हैं, क्योंकि हजारों क्लेम्स हैं और कस्टम्स सिस्टम इतने बड़े स्केल के लिए तैयार नहीं।

अगर आप इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट बिजनेस में हैं या अमेरिकी मार्केट से जुड़े हैं, तो अपडेट्स फॉलो करें। क्या यह ट्रंप की दूसरी टर्म में बड़ा बदलाव लाएगा?

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