आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद मामले से कदम पीछे खींचे: पुलिस-सरकार से मदद न मिलने का आरोप, “अब लड़ाई जारी नहीं रख सकता”
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद मामले से कदम पीछे खींचे: पुलिस-सरकार से मदद न मिलने का आरोप, “अब लड़ाई जारी नहीं रख सकता”
प्रयागराज/वाराणसी, 1 मार्च 2026: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर बटुकों (बालकों) के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब खुद इस मामले से पीछे हटने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कोई सहयोग या सुरक्षा नहीं मिली, जिसके कारण वे इस लड़ाई को आगे नहीं बढ़ा सकते।
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, POCSO एक्ट के तहत दर्ज इस केस में आशुतोष ब्रह्मचारी ने पहले माघ मेले के दौरान दो नाबालिग बटुकों के यौन शोषण का दावा किया था। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत भी दी थी।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब कहा, “पुलिस और सरकार से कोई मदद नहीं मिली। मुझे और बटुकों को खतरा है, न्याय की उम्मीद खत्म हो गई है। ऐसे हालात में मैं खुद को इस मामले से अलग कर रहा हूं।” उन्होंने पहले भी दावा किया था कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उन्हें और पीड़ितों को मारवा सकते हैं, और कई VIPs व आश्रम के वरिष्ठ लोग भी इसमें शामिल हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और साजिश करार दिया है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी (जिनका मूल नाम आशुतोष पांडेय बताया जा रहा है) के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत फर्जी केस दर्ज करने की शिकायत की है। स्वामी ने दावा किया कि यह मामला सनातन धर्म और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की कोशिश है, और कुछ लोग इसे राजनीतिक रंग दे रहे हैं।
यह विवाद पिछले कुछ हफ्तों से सुर्खियों में है, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। आशुतोष ब्रह्मचारी जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं, और दोनों के बीच पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई है। अब आशुतोष के पीछे हटने से केस की दिशा बदल सकती है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन स्थिति पर सभी की नजर टिकी हुई है।
