जापान ने बनाया AI से लैस ‘संत रोबोट’! आध्यात्म का ज्ञान देता है Buddharoid – क्या है पूरी कहानी?
जापान ने बनाया AI से लैस ‘संत रोबोट’! आध्यात्म का ज्ञान देता है Buddharoid – क्या है पूरी कहानी?
क्योटो, 25 फरवरी 2026: जापान में टेक्नोलॉजी और आध्यात्म का अनोखा संगम देखने को मिला है! क्योटो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ‘Buddharoid’ नाम का एक AI-पावर्ड humanoid रोबोट अनवील किया है, जिसे ‘संत रोबोट’ या ‘रोबोट भिक्षु’ कहा जा रहा है। यह रोबोट बौद्ध धर्मग्रंथों पर ट्रेन किया गया है और लोगों को आध्यात्मिक सलाह, व्यक्तिगत समस्याओं के जवाब और बौद्ध शिक्षाओं का ज्ञान देता है – वो भी बिना किसी जजमेंट के!
क्या है Buddharoid?
यह एक 1.3 मीटर लंबा दो पैरों वाला humanoid रोबोट है, जिस पर Unitree G1 (चीनी कंपनी का रोबोट) का बेस इस्तेमाल किया गया है।
इसमें “BuddhaBot-Plus” नाम का AI चैटबॉट लगा है, जो OpenAI के ChatGPT से डेराइव्ड है लेकिन शुरुआती बौद्ध सूत्रों (early Buddhist scriptures) पर स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है।
रोबोट धीमी, शांत भिक्षु जैसी चाल चलता है, झुककर प्रणाम करता है, हाथ जोड़कर प्रार्थना करता है और संवेदनशील सवालों (जैसे रिलेशनशिप, जीवन की मुश्किलें, सोशल इश्यूज) पर बौद्ध ग्रंथों से उद्धरण देकर जवाब देता है।
इसे 24 फरवरी 2026 को Shoren-in Temple (क्योटो) में मीडिया के सामने पेश किया गया। प्रोफेसर Seiji Kumagai (Kyoto University के Institute for the Future of Human Society) की टीम ने इसे डेवलप किया है।
खास बातें और मकसद:
जापान में भिक्षुओं की संख्या तेजी से घट रही है (aging population और कम युवा इंटरेस्ट की वजह से), तो Buddharoid जैसे रोबोट मंदिरों में भिक्षुओं की मदद कर सकते हैं या उनकी जगह कुछ रस्में निभा सकते हैं।
यह सिर्फ आवाज नहीं, बल्कि फिजिकल प्रेजेंस देता है – मंदिर में बैठकर लोगों को आध्यात्मिक फील दे सकता है।
AI संवेदनशील और जटिल सवालों पर भी बौद्ध दर्शन से गहराई से जवाब देता है, जैसे “रिलेशनशिप में क्या करना चाहिए?” पर सुनता है, प्रार्थना करता है और स्क्रिप्चर से गाइड करता है।
एथिकल डिबेट भी शुरू हो गई है – क्या टेक्नोलॉजी से आस्था को बढ़ावा मिलेगा या यह धर्म की पवित्रता को प्रभावित करेगा?
पिछले उदाहरण: जापान में ऐसा पहली बार नहीं है। 2019 में Kodaiji Temple में Mindar नाम का रोबोट प्रीस्ट लॉन्च हुआ था, जो Heart Sutra पढ़ता था। लेकिन Buddharoid ज्यादा एडवांस्ड है – AI से रियल-टाइम इंटरैक्शन और पर्सनलाइज्ड एडवाइस देता है।
फिलहाल Buddharoid को टेस्टिंग और डेमो के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। भविष्य में यह मंदिरों में नियमित रूप से मददगार बन सकता है। क्या आपको लगता है कि AI रोबोट आध्यात्मिक गुरु बन सकता है? या यह सिर्फ टेक्नोलॉजी का खेल है?
