सीएम योगी की जापान यात्रा में करोडो के MoU! टोक्यो में भव्य स्वागत, निवेशकों को दिया बड़ा न्योता
सीएम योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा: अभी तक क्या-क्या हुआ? लेटेस्ट अपडेट्स (25 फरवरी 2026 तक)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार दिवसीय विदेश यात्रा (सिंगापुर + जापान) पर हैं। सिंगापुर दौरा पूरा करने के बाद वे बुधवार सुबह जापान पहुंचे। यह उनकी पहली जापान यात्रा है, जिसका मुख्य फोकस निवेश आकर्षित करना, औद्योगिक सहयोग बढ़ाना और यूपी को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। दो दिवसीय जापान दौरा (25-26 फरवरी) में अब तक ये प्रमुख घटनाएं हुई हैं:
1. टोक्यो में भव्य स्वागत:
हनेडा एयरपोर्ट पर भारतीय राजदूत नगमा एम. मलिक और जापान के उप राज्यपाल जुनिची इशिदेरा (Junichi Ishidera) ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने भी जोरदार स्वागत किया। योगी ने कहा: “उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को ‘आदित्य’ का नमस्कार!”
2. UP Investment Roadshow और हाई-लेवल मीटिंग्स:
टोक्यो में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोडशो आयोजित किया गया, जहां योगी ने जापानी निवेशकों और बड़े कारोबारियों से मुलाकात की।
उन्होंने यूपी को “भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था” बताया और निवेश के लिए आमंत्रित किया। फोकस सेक्टर: लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग, ग्रीन हाइड्रोजन, मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, ICT, सेमीकंडक्टर्स और डेटा सेंटर्स।
जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO) के चेयरमैन इशिगुरो नोरिहिको से भी मुलाकात की।
3. बड़े निवेश MoUs – पहले दिन ही बंपर डील्स:
पहले दिन ही विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11,000 करोड़ रुपये के MoUs पर हस्ताक्षर हुए।
प्रमुख क्षेत्र: मोटर वाहन, वैमानिकी (एडवांस कनेक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स), मेडिकल डिवाइस पार्क में यूनिट्स, और अन्य इंडस्ट्रीज।
योगी ने मित्सुई और कोनोइके जैसी कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए स्पेशल आमंत्रण दिया।
4. अन्य हाइलाइट्स:
यात्रा के दौरान योगी सत्विक भोजन (बिना प्याज-लहसुन) का पालन कर रहे हैं – जापानी शेफ को स्पेशल निर्देश दिए गए हैं, और वेजिटेरियन ब्रेकफास्ट की व्यवस्था की गई है।
आने वाले प्लान: मैग्लेव ट्रेन (मैग्नेटिक लेविटेशन) पर 100 किमी की सवारी, और अन्य मीटिंग्स।
यह दौरा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की रणनीति का हिस्सा है। सिंगापुर में भी बड़े MoUs साइन हुए थे, और जापान से उम्मीद है कि इंडिया-जापान इकोनॉमिक टाइज और मजबूत होंगे।
अभी यात्रा जारी है – और अपडेट्स आते रहेंगे। क्या आपको लगता है कि ये MoUs यूपी में कितने रोजगार लाएंगे? कमेंट में बताइए!
