बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का नया वीडियो: पाकिस्तानी सैनिक रोते-गिड़गिड़ाते दिखे, जनरल असीम मुनीर से अपील; सेना ने कहा- ‘ये हमारे लोग नहीं, वीडियो फेक’
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का नया वीडियो: पाकिस्तानी सैनिक रोते-गिड़गिड़ाते दिखे, जनरल असीम मुनीर से अपील; सेना ने कहा- ‘ये हमारे लोग नहीं, वीडियो फेक’
क्वेटा/इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को एक नया वीडियो जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर 7 पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाकर दिखाया गया है। वीडियो में सैनिक रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं, वे अपनी जान की भीख मांगते हुए पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर और सरकार से अपील कर रहे हैं कि उन्हें अकेला न छोड़ा जाए। BLA ने पाकिस्तान सरकार को 24 घंटे (कुछ रिपोर्ट्स में 48 घंटे या 22 फरवरी तक) की मोहलत दी है—अगर उनकी मांगें (बलूच कैदियों की रिहाई) पूरी नहीं हुईं, तो सैनिकों को मौत की सजा दी जाएगी।
वीडियो में क्या दिखा?
सैनिक घुटनों पर बैठे हैं, यूनिफॉर्म में, हाथों में पाकिस्तानी आर्मी आईडी कार्ड और सर्विस नंबर दिखा रहे हैं।
एक सैनिक रोते हुए कहता है: “मैं पाकिस्तान के लिए लड़ता रहा हूं, लेकिन आज आर्मी मुझे अपना नहीं मान रही। जनरल असीम मुनीर, हमें छोड़ क्यों दिया? मेरे पिता मजदूर हैं और विकलांग, मैं घर का बड़ा बेटा हूं—इंसाफ करो।”
वे सवाल करते हैं: “अगर ये कार्ड आर्मी के नहीं हैं, तो किसके हैं? वीडियो फेक कैसे हो सकता है?”
सैनिक बार-बार गुहार लगाते हैं कि सरकार BLA की मांगें मान ले, ताकि उनकी सुरक्षित वापसी हो सके।
वीडियो BLA के मीडिया विंग Hakkal Media ने जारी किया है, और इसे “Operation Herof 2.0” से जोड़ा गया है—जिसमें BLA का दावा है कि उन्होंने 17 सैनिकों को पकड़ा था, 10 को छोड़ दिया और 7 अभी उनके पास हैं।
पाकिस्तान सेना और सरकार का जवाब
पाकिस्तानी सेना (ISPR) और सरकार ने वीडियो को फेक और स्टेज्ड बताया है। उन्होंने साफ कहा:
“ये हमारे सैनिक नहीं हैं। कोई सैनिक लापता नहीं है।”
वीडियो को AI-जनरेटेड या प्रोपगैंडा करार दिया गया।
सेना ने पहले भी BLA के दावों को खारिज किया था कि कोई सैनिक उनके कब्जे में नहीं हैं।
कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पहले की तरह इनकार जारी है।
बलूचिस्तान में क्या हो रहा है?
ये घटना बलूचिस्तान में बढ़ते विद्रोह का हिस्सा है, जहां BLA और अन्य अलगाववादी ग्रुप्स 2025 से हमले तेज कर चुके हैं—सुरक्षा बलों, इंफ्रास्ट्रक्चर और चीनी प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं। BLA का दावा है कि ये ऑपरेशन उनके कैदियों की रिहाई के लिए है। पाकिस्तान सरकार इसे भारत समर्थित आतंकवाद बताती है, जबकि BLA इसे स्थानीय बलूचों की आजादी की लड़ाई कहता है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां एक तरफ लोग पाकिस्तान सेना पर सैनिकों को “अकेला छोड़ने” का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसे प्रोपगैंडा बता रहे हैं। क्या ये वीडियो असली है या फेक? आने वाले घंटों में स्थिति साफ हो सकती है। आप क्या सोचते हैं—सेना का इनकार सही है या सैनिकों की गुहार पर ध्यान देना चाहिए? कमेंट में बताएं!
