9 मार्च से बजट सत्र: गैरसैंण विधानसभा के स्थान पर फिर विवाद, ऑक्सीजन-ठंड का मुद्दा गरमाया
देहरादून/गैरसैंण: उत्तराखंड में आगामी बजट सत्र (9 से 13 मार्च 2026) से ठीक पहले भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन के चयन और स्थान पर विवाद फिर गरमा गया है। बीजेपी विधायक महंत दिलीप रावत (लैंसडाउन) ने खुलकर आरोप लगाया है कि गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन गलत जगह पर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यहां ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और अन्य व्यवस्थाओं की दिक्कतों के कारण सत्र के दौरान विधायकों, कर्मचारियों और अधिकारियों को भारी परेशानी होती है।
विवाद के मुख्य बिंदु
विधायक दिलीप रावत का आरोप: “भवन बनाने से पहले सही स्थल का चयन नहीं किया गया। ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन कम है, ठंड बहुत ज्यादा पड़ती है और बर्फबारी से आवागमन मुश्किल होता है। कांग्रेस सरकार के समय यह फैसला लिया गया था, जिसके कारण आज तक दिक्कतें बनी हुई हैं।”
उत्तराखंड सचिवालय संघ का ज्ञापन: महासचिव राकेश जोशी ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा कि गैरसैंण सत्र में नोडल अधिकारियों की संख्या कम की जाए। कारण: खाने-पीने, आवास और अन्य सुविधाओं की कमी। कर्मचारियों को जद्दोजहद करनी पड़ती है।
कांग्रेस का पलटवार: प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, “दिक्कतों का हल निकालना सरकार का काम है। यदि सरकार सक्षम नहीं है तो कांग्रेस तैयार है। सरकार गैरसैंण विरोधी है।”
पिछले रिकॉर्ड: 2024 और 2025 में भी विधायकों ने देहरादून में सत्र कराने की मांग की थी, जिसे सरकार ने मान लिया था। हरीश रावत सरकार के समय गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था और बजट सत्र यहां करने का संकल्प पारित हुआ था, लेकिन व्यावहारिक रूप से सत्र कम ही होते हैं।
सत्र की डिटेल्स
तारीख: 9 मार्च से 13 मार्च 2026 (5 दिन का सत्र)
बजट पेश: 11 मार्च 2026 को
पिछले 12 सालों में गैरसैंण में कुल केवल 10 सत्र और 35 दिन की कार्यवाही हुई है, जिस पर भी सवाल उठते रहे हैं।
यह विवाद गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की बहस को फिर से हवा दे रहा है। एक तरफ बीजेपी के भीतर से ही सवाल, दूसरी तरफ कांग्रेस का हमला—और बीच में सचिवालय कर्मचारी और स्थानीय लोग जो व्यवस्थाओं की कमी से परेशान हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।
