अल्मोड़ा के सल्ट में बीजेपी नेताओं की खुली कहासुनी: चाय-पानी को लेकर विधायक और जिपं सदस्य में तीखी बहस
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में बीजेपी के भीतर आपसी विवाद फिर सुर्खियों में! सल्ट विधानसभा क्षेत्र के न्याय पंचायत मछोड़ के राजकीय इंटर कॉलेज में बुधवार (18 फरवरी 2026) को आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर में बीजेपी विधायक महेश जीना और जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान हुई तीखी कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है।
क्या हुआ शिविर में?
शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना था। विभिन्न विभागों के स्टॉल लगे थे, जहां पंजीकरण और जानकारी दी जा रही थी।
विवाद की शुरुआत चाय-पानी और खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर हुई। जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने दावा किया कि दूर-दराज से आए लोगों के लिए अंदर व्यवस्था की गई थी, जो जनसहयोग से हुई।
विधायक महेश जीना का पक्ष: प्रशासन ने अंदर व्यवस्था पर आपत्ति जताई और बाहर करने के निर्देश दिए। हंसा नेगी इसी पर भड़क गए और अनावश्यक विवाद खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक लाभ और सहानुभूति लेने की कोशिश थी।
हंसा नेगी के आरोप: विधायक निधि के खर्च पर सवाल उठाते हुए आरटीआई के आधार पर दावा किया कि दरी (10,500 रुपये), ढोलक (8,000 रुपये) और चिमटे (2,500 रुपये) की खरीद में अनियमितता हुई। ये सामान बांटा गया था।
हंसा नेगी का जवाब: व्यवस्था जनसहयोग से थी, दूर से आए लोगों के लिए जरूरी थी। पहले से जानकारी दी गई थी, विरोध गलत तरीके से किया गया।
दोनों नेताओं के बयान
महेश जीना (सल्ट विधायक): “हंसा नेगी ने कार्यक्रम स्थल के अंदर ही खाने-पीने की व्यवस्था की। प्रशासन ने आपत्ति जताई और बाहर करने को कहा। वे भड़क गए और राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा किया।”
हंसा नेगी (जिला पंचायत सदस्य): “दूर से आए लोगों के लिए अंदर इंतजाम था। जनसहयोग से किया गया। विधायक निधि में अनियमितता के सबूत आरटीआई से मिले हैं।”
राजनीतिक प्रभाव
यह घटना उत्तराखंड में बीजेपी के भीतर बढ़ते गुटबाजी और आपसी मतभेदों को उजागर करती है। वीडियो वायरल होने से पार्टी हाईकमान की नजर इस पर गई है। अभी तक आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट बयान या कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है।
