स्पीकर ओम बिरला के AI वीडियो पर कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कथित AI-जनरेटेड वीडियो (डीपफेक) को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस मीडिया सेल (कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट) को कड़ा नोटिस जारी किया है। नोटिस में कांग्रेस के 8-9 नेताओं से 3 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है, अन्यथा सदन की अवमानना और विशेषाधिकार उल्लंघन के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्य विवरण
क्या था वीडियो? कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिरला के AI से बने फर्जी वीडियो शेयर किए गए थे। ये वीडियो अपमानजनक या व्यंग्यात्मक बताए जा रहे हैं, जो लोकसभा स्पीकर के पद की गरिमा के खिलाफ माने गए।
नोटिस किसे मिला? कांग्रेस कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के प्रमुख नेताओं को नोटिस जारी हुआ। इनमें शामिल हैं:
जयराम रमेश (कांग्रेस महासचिव और संचार प्रमुख)
पवन खेड़ा (मीडिया प्रभारी)
सुप्रिया श्रीनेत (सोशल मीडिया विभाग की हेड)
संजीव सिंह (चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर)
और अन्य 4-5 नेता (कुल 8-9 नाम विभिन्न रिपोर्ट्स में)
कारण: लोकसभा सचिवालय ने इसे ब्रीच ऑफ प्रिविलेज (विशेषाधिकार हनन) और कंटेम्प्ट ऑफ हाउस (सदन की अवमानना) माना। स्पीकर के खिलाफ ऐसे फर्जी कंटेंट शेयर करना सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया।
समय सीमा: सभी को 3 दिनों के भीतर लिखित जवाब देना होगा। जवाब न देने या संतोषजनक न होने पर आगे की कार्रवाई (जैसे प्रिविलेज कमिटी जांच या सस्पेंशन) हो सकती है।
पृष्ठभूमि
यह घटना हाल के महीनों में AI और डीपफेक के बढ़ते दुरुपयोग के बीच आई है। सरकार पहले ही AI-जनरेटेड कंटेंट पर लेबलिंग और तेज टेकडाउन के नियम सख्त कर चुकी है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि बीजेपी इसे सदन की गरिमा की रक्षा करार दे रही है।
यह मामला लोकसभा में गर्मागर्म बहस का विषय बन सकता है, क्योंकि स्पीकर ओम बिरला पहले भी विपक्ष के निशाने पर रहे हैं (जैसे नो-ट्रस्ट मोशन आदि)।
