विधायकों के फोन की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं! विधानसभा अध्यक्ष का कड़ा अल्टीमेटम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधायकों के फोन इग्नोर करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं! विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में कड़ा अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि जनहित के कार्यों के लिए विधायकों के कॉल न उठाने या सहयोग न करने वाले अफसरों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह बयान बुधवार को विधानसभा सत्र के दौरान आया, जब नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।
मुख्य बातें
सतीश महाना ने स्पष्ट कहा: “जनप्रतिनिधियों का फोन न उठाना सेवा नियमावली का उल्लंघन है। ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”
विधायकों ने शिकायत की कि क्षेत्रीय विकास कार्यों, जन शिकायतों के निस्तारण में अफसर फोन नहीं उठाते, जिससे काम में देरी होती है।
अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें, उनके कॉल तुरंत रिसीव करें और सहयोग दें। अनुपालन न होने पर अनुशासनिक कार्रवाई अपरिहार्य।
यह मुद्दा यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसी अन्य राज्यों में भी हाल ही में उठा है, जहां विधानसभा अध्यक्षों ने इसी तरह की चेतावनी दी है।
पृष्ठभूमि
विधानसभा में अक्सर यह शिकायत आती है कि नौकरशाही जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करती है, जिससे लोकतंत्र की भावना प्रभावित होती है। महाना का यह अल्टीमेटम अधिकारियों को याद दिलाने वाला है कि वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह हैं।
यूपी सरकार और विधानसभा इस दिशा में सख्त कदम उठा रही है ताकि प्रशासन और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल बने।
