वाराणसी में कफ सिरप तस्करी कांड: मुख्य आरोपी के पिता की 28 करोड़ की संपत्ति कुर्क, NDPS एक्ट के तहत कोर्ट आदेश पर कार्रवाई
वाराणसी में कफ सिरप तस्करी कांड: मुख्य आरोपी के पिता की 28 करोड़ की संपत्ति कुर्क, NDPS एक्ट के तहत कोर्ट आदेश पर कार्रवाई
वाराणसी: कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े मामले में यूपी पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल (या भोला प्रसाद जायसवाल) की करीब 28 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्टों में 28.5 करोड़ तक) की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर ली गई हैं। यह कार्रवाई NDPS एक्ट की धारा 68(F) के तहत कोर्ट के आदेश पर की गई है, जहां अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति जब्त की जाती है।
पुलिस के अनुसार, सोनभद्र और वाराणसी पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को यह कार्रवाई शुरू की। कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं:
महमूरगंज का केबीएन प्लाजा/शॉपिंग कॉम्प्लेक्स
सिविल लाइंस स्थित मकान
एमराल्ड गुलिस्तान में प्लॉट
अन्य आवासीय इमारतें, लग्जरी कार और बैंक खातों में जमा राशि (करीब 3 करोड़ रुपये तक फिक्स्ड डिपॉजिट और अकाउंट फ्रीज)
कुछ रिपोर्टों में कुल संपत्ति मूल्य 28 से 30.5 करोड़ तक बताया गया है, और प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने संपत्तियों पर नोटिस चिपकाए, मुनादी कराई और डुगडुगी बजवाई। यह NDPS एक्ट में वाराणसी क्षेत्र की सबसे बड़ी ऐसी कार्रवाई मानी जा रही है।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह मामला पिछले साल रोहनिया थाने में दर्ज हुआ था, जहां बड़े पैमाने पर कोडीन आधारित कफ सिरप (जैसे फेंसेडिल आदि) जब्त हुए। जांच में पता चला कि शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल ने संगठित सिंडिकेट चलाया था। फर्जी फर्मों और मेडिकल स्टोर्स के नाम पर लाखों बोतलें खरीद-बेची गईं, जिनकी वैल्यू सैकड़ों करोड़ में बताई जा रही है। तस्करी का नेटवर्क बंगाल और बांग्लादेश तक फैला था।
शुभम जायसवाल फिलहाल सोनभद्र जेल में बंद है। हाल ही में 7 आरोपियों (भोला समेत) के खिलाफ 1600 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। पुलिस का दावा है कि ये संपत्तियां अवैध नशा तस्करी से कमाई गई हैं।
यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ यूपी पुलिस की सख्त नीति का हिस्सा है, जहां आरोपी परिवारों की संपत्ति जब्त कर अपराध की जड़ें उखाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच जारी है, और आगे और संपत्तियां कुर्क हो सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पुलिस अपडेट या cbse.gov.in जैसी साइट्स नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस/कोर्ट सूत्र चेक करें।
