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NEET छात्रा की संदिग्ध मौत: SIT ने दिए चौंकाने वाले खुलासे, अब CBI को सौंपी गई जांच

NEET छात्रा की संदिग्ध मौत: SIT ने दिए चौंकाने वाले खुलासे, अब CBI को सौंपी गई जांच

पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में NEET की तैयारी कर रही एक 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अब तक की जांच के मुख्य निष्कर्षों का खुलासा किया। सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्य, CCTV फुटेज, FSL रिपोर्ट और दर्ज बयानों के आधार पर पुलिस ने अब तक जो तथ्य सामने लाए हैं, वे मामले को और जटिल बनाते हैं। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच अब CBI को सौंप दी है।

SIT जांच के मुख्य खुलासे

मृतका की उम्र: परिजनों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि छात्रा की उम्र 18 वर्ष से कम (नाबालिग) थी।

दवा की बरामदगी: पीड़िता के कमरे से एक दवा की खाली शीशी बरामद हुई। परिजनों ने बताया कि पटना लौटते समय अरवल मोड़ के पास उसने यह दवा खरीदी थी और इस्तेमाल किया। FSL रिपोर्ट में इस दवा की जांच चल रही है।

परिजनों द्वारा सौंपे कपड़े: मृतका के मां-भाई ने उसके पांच कपड़े पुलिस को सौंपे, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इन कपड़ों से कोई विशेष साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।

बयान और गवाह: हॉस्टल गार्ड, वार्डन, अन्य छात्राओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज किए गए। इनमें से कई बयानों में विरोधाभास सामने आए हैं, जिसकी वजह से जांच को और गहराई से किया जा रहा था।

CCTV और अन्य साक्ष्य: हॉस्टल के आसपास के CCTV फुटेज का विश्लेषण किया गया। फुटेज में मृतका के आखिरी घंटों की कुछ गतिविधियां कैद हुई हैं, लेकिन अभी पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई है।

क्यों सौंपी गई CBI को जांच?

एसपी परिचय कुमार ने कहा कि मामले में कई संवेदनशील पहलू हैं—नाबालिग छात्रा, संदिग्ध दवा का इस्तेमाल, हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था, और परिजनों के आरोप। राज्य सरकार ने इसे गंभीर मानते हुए जांच CBI को ट्रांसफर करने का फैसला लिया है। CBI जल्द ही टीम गठित कर पटना पहुंचेगी और जांच शुरू करेगी।

परिजनों का पक्ष

परिजनों ने आरोप लगाया था कि हॉस्टल में सुरक्षा की कमी थी और छात्रा को मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने NEET की तैयारी के दौरान तनाव और कोचिंग सेंटर की लापरवाही का भी जिक्र किया था। हालांकि SIT ने इन आरोपों पर अभी कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की।

यह मामला बिहार में NEET छात्राओं की सुरक्षा, कोचिंग सेंटरों की जवाबदेही और मानसिक स्वास्थ्य पर फिर से बहस छेड़ रहा है। CBI जांच के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल, पटना में इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गुस्सा और चिंता दोनों है।

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