मणिपुर में नई सरकार का गठन: बीजेपी नेता वाई. खेमचंद सिंह ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
मणिपुर में नई सरकार का गठन: बीजेपी नेता वाई. खेमचंद सिंह ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
राष्ट्रपति शासन हटने के कुछ घंटों बाद मणिपुर में राजनीतिक स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम उठा। बीजेपी विधायक दल के नेता वाई. खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) ने आज शाम राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के समक्ष मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह मणिपुर की नई सरकार का पहला कदम है, जो जातीय हिंसा और राजनीतिक संकट के बाद राज्य में स्थिरता लाने की कोशिश का हिस्सा है।
शपथ ग्रहण की मुख्य बातें
राज्यपाल भवन में शाम करीब 6 बजे शपथ ग्रहण समारोह हुआ।
खेमचंद सिंह ने हिंदी और मणिपुरी में शपथ ली।
अभी कैबिनेट विस्तार नहीं हुआ—मंत्रिमंडल गठन जल्द होने की उम्मीद।
बीजेपी के पास विधानसभा में 37 विधायक हैं, जो 60 सदस्यीय सदन में स्पष्ट बहुमत (31) से ज्यादा है। एनडीए सहयोगी भी साथ हैं।
कौन हैं वाई. खेमचंद सिंह?
खेमचंद सिंह बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री हैं।
वे लाम्फेल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और मैतेई समुदाय से आते हैं।
2022 विधानसभा चुनाव में एन. बीरेन सिंह के बाद वे बीजेपी के प्रमुख चेहरे थे।
जातीय संतुलन के लिए कुकी और नागा समुदायों से डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं (जैसे नेमचा किपगेन या लोसी डिक्हो)।
राष्ट्रपति शासन हटने का संदर्भ
केंद्र ने आज सुबह ही गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन से राष्ट्रपति शासन हटाया।
यह फैसला 13 फरवरी 2025 से चले आ रहे राष्ट्रपति शासन के बाद लिया गया, जब एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दिया था।
हिंसा में हजारों प्रभावित, सैकड़ों मौतें हुईं। अब नई सरकार से उम्मीद है कि कुकी-मैतेई बातचीत आगे बढ़ेगी और शांति बहाल होगी।
प्रतिक्रियाएं
बीजेपी ने इसे “मणिपुर की जनता की जीत” बताया।
विपक्ष (कांग्रेस, NPP) ने कहा कि सरकार गठन में पारदर्शिता होनी चाहिए और कुकी समुदाय की मांगों पर ध्यान दिया जाए।
कुकी संगठनों ने अभी भी अलग प्रशासन की मांग पर अड़े हैं, लेकिन केंद्र बातचीत की कोशिश कर रहा है।
यह सरकार 2027 तक चलेगी। क्या खेमचंद सिंह हिंसा को रोक पाएंगे और राज्य में शांति ला पाएंगे? आने वाले दिन बताएंगे। मणिपुर में अब उम्मीद की किरण दिख रही है।
