नेहरू-इंदिरा पर आपत्तिजनक बयान से गरमाई संसद… निशिकांत दुबे के दावों पर भारी बवाल, स्पीकर तक पहुंची शिकायत!
नेहरू-इंदिरा पर आपत्तिजनक बयान से गरमाई संसद… निशिकांत दुबे के दावों पर भारी बवाल, स्पीकर तक पहुंची शिकायत!
लोकसभा में आज बजट सत्र के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के नेहरू-इंदिरा गांधी पर दिए गए विवादास्पद बयान से सदन में हंगामा मच गया। दुबे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिसे विपक्ष ने ‘अपमानजनक’ बताते हुए जोरदार विरोध किया। सदन में नारेबाजी और हंगामा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। अंततः विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला से दुबे के बयान पर कार्रवाई की मांग की और शिकायत दर्ज कराई।
निशिकांत दुबे ने अपने भाषण में नेहरू को ‘देश का दुश्मन’ और इंदिरा गांधी को ‘तानाशाही’ का प्रतीक बताते हुए कहा कि “नेहरू ने देश को गुलामी की जंजीरों में जकड़ा और इंदिरा ने लोकतंत्र को कुचला।” उन्होंने दावा किया कि नेहरू की नीतियां आज की समस्याओं की जड़ हैं और इंदिरा की इमरजेंसी ने संविधान को खतरे में डाला। दुबे के ये बयान आते ही कांग्रेस, TMC, SP और DMK के सांसद खड़े हो गए और ‘शेम ऑन दुबे’ के नारे लगाने लगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “यह नेहरू-इंदिरा का नहीं, बल्कि भारत के इतिहास का अपमान है। BJP इतिहास को तोड़-मरोड़ रही है।”
सदन में हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ओम बिरला ने कई बार शांति की अपील की, लेकिन विपक्ष नहीं माना। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने दुबे को ‘विष फैलाने वाला’ बताया और मांग की कि उनके बयान को रिकॉर्ड से हटाया जाए। SP के अखिलेश यादव ने कहा, “BJP के सांसद इतिहास नहीं जानते, सिर्फ झूठ बोलते हैं।” हंगामा इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक स्थगित रही।
विपक्षी दलों ने स्पीकर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दुबे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की मांग की गई। स्पीकर ने कहा कि वे शिकायत की जांच करेंगे और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। BJP ने दुबे का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष ‘सच्चाई’ से भाग रहा है।
यह घटना बजट सत्र को और गर्मा सकती है, जहां पहले से ही MGNREGA, मनिपुर और ट्रेड डील पर विवाद चल रहा है। क्या दुबे पर कार्रवाई होगी? सदन कल फिर बैठेगा, तब साफ होगा।
