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चीन ने ‘हिडन किलर’ फ्लश डोर हैंडल पर लगाया बैन, भारत में भी बढ़ रही चिंता

कार में कैद जिंदगी… मौत से लड़ते लोग!

चीन ने ‘हिडन किलर’ फ्लश डोर हैंडल पर लगाया बैन, भारत में भी बढ़ रही चिंता

आधुनिक इलेक्ट्रिक और लग्जरी कारों में स्टाइलिश दिखने वाले फ्लश या हिडन डोर हैंडल अब ‘हिडन किलर’ बन चुके हैं। चीन ने इन पर पूरी तरह बैन लगा दिया है, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होगा। यह फैसला कई घातक हादसों के बाद आया है, जहां लोग कार के अंदर फंस गए और इमरजेंसी में दरवाजा नहीं खोल पाए। भारत में भी ये फीचर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिससे सुरक्षा विशेषज्ञ चिंतित हैं।

फ्लश डोर हैंडल क्या हैं? ये पारंपरिक उभरे हुए हैंडल की जगह कार के दरवाजे में छिपे इलेक्ट्रॉनिक या पॉप-अप मैकेनिज्म होते हैं, जो बटन दबाने या टच से बाहर आते हैं। टेस्ला जैसी कंपनियों ने इन्हें पॉपुलर बनाया, क्योंकि ये एयरोडायनामिक डिजाइन और स्लीक लुक देते हैं। लेकिन समस्या तब आती है जब पावर फेल हो जाए, बैटरी डिस्चार्ज हो या कोई तकनीकी खराबी आए—तब हैंडल बाहर नहीं आते और व्यक्ति अंदर कैद हो जाता है।

चीन के मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने नए नियम जारी किए हैं। हर पैसेंजर डोर (बूट को छोड़कर) के बाहर कम से कम 6 सेमी x 2 सेमी x 2.5 सेमी का रिसेस्ड स्पेस होना जरूरी होगा, जहां हाथ से मैकेनिकल रिलीज हो सके। इमरजेंसी में इलेक्ट्रॉनिक फेलियर पर भी दरवाजा खुलना सुनिश्चित होगा।

दुनिया भर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। अमेरिका में NHTSA ने टेस्ला मॉडल Y के हैंडल पर जांच शुरू की, जहां बच्चे कार में फंस गए। चीन में भी कई मौतें रिपोर्ट हुईं, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी में सेकंड्स मायने रखते हैं—एक छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी पूरी जिंदगी छीन सकती है।

भारत में टेस्ला, BYD, BMW, Mercedes जैसी EV और लग्जरी कारों में यह फीचर आम होता जा रहा है। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत को भी चीन की तरह सख्त नियम बनाने चाहिए। S&P ग्लोबल मोबिलिटी के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने कहा, “अगर चीन ने इसे बैन किया है, तो भारत को भी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।”

यह बैन कार इंडस्ट्री के लिए बड़ा संकेत है—स्टाइल और टेक्नोलॉजी से ज्यादा महत्वपूर्ण है जान बचाना। क्या भारत सरकार जल्द कोई कदम उठाएगी? समय बताएगा, लेकिन तब तक ड्राइवर्स को सतर्क रहना होगा।

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