‘ये ट्रेड डील हमारे देशवासियों के लिए ढेरों अवसर लाने वाला है’: पीयूष गोयल ने यूएस डील पर दिया बड़ा बयान, किसानों-युवाओं के हित सुरक्षित बताए
‘ये ट्रेड डील हमारे देशवासियों के लिए ढेरों अवसर लाने वाला है’: पीयूष गोयल ने यूएस डील पर दिया बड़ा बयान, किसानों-युवाओं के हित सुरक्षित बताए
नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को ‘ऐतिहासिक’ और ‘भविष्य-निर्माण’ वाला करार बताते हुए कहा कि यह समझौता देशवासियों के लिए ढेरों नए अवसर खोलेगा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा कि डील में कृषि, डेयरी और संवेदनशील क्षेत्रों के हित पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं, और यह पड़ोसी तथा प्रतिस्पर्धी देशों को मिली डील से कहीं बेहतर है।
पीयूष गोयल ने कहा, “ये ट्रेड डील हमारे देशवासियों के लिए ढेरों अवसर लाने वाला है। इससे गरीबों, किसानों, मछुआरों, युवाओं और एमएसएमई के लिए बड़े मौके खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत नेतृत्व में हमने राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखा। यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों का नया अध्याय है जो वiksit भारत 2047 की यात्रा को तेज करेगा।”
प्रमुख बिंदु गोयल के बयान से
टैरिफ में कटौती: अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया (ट्रंप के दावे के अनुसार 50% से 18%)। रूसी तेल खरीद के कारण लगे अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ भी हटाए गए।
संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित: कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों से कोई समझौता नहीं हुआ। किसानों के हित पहले रखे गए।
जॉइंट स्टेटमेंट जल्द: डील के अंतिम विवरण पर काम चल रहा है। भारत-अमेरिका जल्द संयुक्त बयान जारी करेंगे, जिसमें सभी डिटेल्स सार्वजनिक होंगी।
विपक्ष पर पलटवार: गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राजनीतिक अराजकता फैला रहे हैं। “हर भारतीय पीएम मोदी का धन्यवाद कर रहा है। यह डील देशहित में है, जनहित में है।”
डील का बैकग्राउंड
ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर डील की घोषणा की, जिसमें कहा कि पीएम मोदी के साथ बातचीत के बाद अमेरिका ने टैरिफ घटाया और भारत रूस से तेल खरीद कम करेगा। हालांकि, गोयल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं हुआ। डील से एमएसएमई, टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी और निर्यात क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
वाणिज्य मंत्री ने इसे “विन-विन” डील बताया और कहा कि इससे भारत को अमेरिका से तकनीक, निवेश और बाजार पहुंच में बढ़त मिलेगी। स्थिति पर सभी की नजरें जॉइंट स्टेटमेंट पर टिकी हैं, जो इस हफ्ते जारी होने की संभावना है।
