दिल्ली में 2026 के पहले 27 दिनों में 807 लोग लापता: 137 बच्चे शामिल, ज्यादातर किशोरियां अब भी अनट्रेस्ड
दिल्ली में 2026 के पहले 27 दिनों में 807 लोग लापता: 137 बच्चे शामिल, ज्यादातर किशोरियां अब भी अनट्रेस्ड
नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में साल 2026 की शुरुआत में लापता होने के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी महीने के पहले 27 दिनों में कुल 807 लोग लापता हुए, जिनमें 137 बच्चे शामिल हैं। इनमें से बड़ी संख्या में किशोरियां हैं, जो अब तक ट्रेस नहीं हो पाई हैं। औसतन हर दिन करीब 30 लोग गायब हो रहे हैं, और कई मामलों में मानव तस्करी, ब्लैकमेलिंग या घरेलू विवाद जैसे कारण सामने आ रहे हैं।
प्रमुख आंकड़े (जनवरी 2026 के पहले 27 दिन)
कुल लापता: 807
बच्चे/नाबालिग: 137 (ज्यादातर 12-18 साल की किशोरियां)
महिलाएं और लड़कियां: कुल मामलों में दो-तिहाई से अधिक
ट्रेस हुए: लगभग 235 (पहले 15 दिनों के आंकड़ों के आधार पर)
अब भी अनट्रेस्ड: 572 से अधिक
पुलिस के अनुसार, पहले 15 दिनों (1-15 जनवरी) में ही 807 मामलों की रिपोर्ट आई थी, जिसमें औसतन 54 लोग प्रतिदिन लापता हुए थे। इसमें 509 महिलाएं और लड़कियां, 298 पुरुष, तथा 191 नाबालिग (जिनमें 146 लड़कियां) शामिल थे। 27 दिनों तक के अपडेटेड आंकड़ों में बच्चे 137 बताए जा रहे हैं, जबकि अनट्रेस्ड मामलों में किशोरियों की संख्या सबसे ज्यादा है।
पुलिस की कार्रवाई और चिंता
दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ जैसे अभियानों के तहत कई लापता व्यक्तियों को ट्रेस किया है। दक्षिण-पश्चिम जिले में जनवरी में ही 75 लोगों (28 बच्चे सहित) को परिवार से मिलाया गया। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते मामलों में मानव तस्करी, ऑनलाइन लालच और घर से भागने जैसे कारण प्रमुख हैं। पिछले 10 सालों में दिल्ली से लाखों लोग लापता हुए हैं, जिनमें से हजारों अब तक गुम हैं।
यह आंकड़े महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लापता होने पर तुरंत रिपोर्ट करें और ZIPNET पोर्टल पर जानकारी चेक करें। स्थिति को देखते हुए कई सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की मांग कर रहे हैं। आगे की जांच से और खुलासे होने की आशंका है।
