चुनाव आयोग बीजेपी का आईटी सेल बन गया: SIR विवाद पर ममता बनर्जी का तीखा हमला
चुनाव आयोग बीजेपी का आईटी सेल बन गया: SIR विवाद पर ममता बनर्जी का तीखा हमला
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के बाद चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी का आईटी सेल बन गया है और विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। ममता ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर जिंदा लोगों को मृत घोषित कर वोटर लिस्ट से नाम काटे जा रहे हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा, “चुनाव आयोग बीजेपी का आईटी सेल बन गया है। SIR में जिंदा लोगों को मृत बता दिया जा रहा है, महिलाओं को विधवा। यह लोकतंत्र की हत्या है।” उन्होंने दावा किया कि SIR से जुड़ी घटनाओं में 140-150 मौतें हो चुकी हैं, जहां लोग सदमे से मर गए या आत्महत्या कर ली। ममता ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनके प्रतिनिधिमंडल को सुनवाई का समय दिया, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने CEC से मांग की कि SIR प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए और प्रभावितों को न्याय दिया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में SIR से प्रभावित परिवारों के सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी कहानियां साझा कीं। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और बीजेपी मिलकर बंगाल में राजनीतिक साजिश रच रही हैं, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में फायदा उठाया जा सके। उन्होंने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट जा चुके हैं और जरूरत पड़ी तो और लड़ेंगे। लोकतंत्र बचाना हमारी जिम्मेदारी है।”
चुनाव आयोग ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि SIR एक रूटीन प्रक्रिया है जो वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए है। विपक्षी पार्टियां इसे राजनीतिक दबाव का हथियार बता रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केंद्र-राज्य संबंधों को और तनावपूर्ण बना सकता है। ममता की यह दिल्ली यात्रा SIR को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश है, जहां वे न्याय और निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रही हैं। सोशल मीडिया पर उनके बयान वायरल हो रहे हैं, और समर्थक इसे ‘लोकतंत्र की लड़ाई’ बता रहे हैं।
