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ग्रेटर नोएडा में फिर हादसा… कोहरे के दौरान नाले में गिरी कार, बाल-बाल बचे दो युवक

ग्रेटर नोएडा में फिर हादसा… कोहरे के दौरान नाले में गिरी कार, बाल-बाल बचे दो युवक

नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा में घने कोहरे के कारण एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कासना कोतवाली क्षेत्र के भाटी गोलचक्कर के पास शनिवार रात (1-2 फरवरी 2026) को एक कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। कार में सवार दो युवकों की जान बाल-बाल बच गई, क्योंकि नाले में पानी कम था। हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया और मौके पर रिफ्लेक्टर तथा बैरियर लगाए गए।

मामला कासना इलाके से जुड़ा है, जहां इकोटेक 6 स्थित ओप्पो कंपनी की तरफ से भाटी गोलचक्कर की ओर जा रही कार घने कोहरे में 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ पर नहीं रुक पाई। कम विजिबिलिटी के कारण चालक मोड़ नहीं देख पाया और कार सीधे नाले में गिर गई। कार नाले में खड़ी हो गई, लेकिन पानी कम होने से दोनों युवक किसी तरह बाहर निकल आए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और कार को बाहर निकाला।

यह हादसा हाल ही में सेक्टर-150 में युवराज मेहता की मौत वाले मामले की याद दिलाता है, जहां घने कोहरे में कार गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गई थी और युवक की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि भाटी गोलचक्कर पर 90 डिग्री का यह ‘मौत का मोड़’ लंबे समय से खतरनाक है। सुरक्षा इंतजामों की कमी से बार-बार हादसे हो रहे हैं। हादसे के बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और पुलिस ने मौके पर रिफ्लेक्टर लगाए और बैरियर बनवाए, ताकि आगे ऐसे हादसे न हों।

पुलिस ने बताया कि दोनों युवक सुरक्षित हैं और कोई गंभीर चोट नहीं आई। कार ओला टैक्सी कंपनी से जुड़ी बताई जा रही है। घना कोहरा उत्तर भारत में इन दिनों आम है, जिससे सड़क हादसे बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि कोहरे में ड्राइविंग करते समय स्पीड कम रखें, फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें और सतर्क रहें। ग्रेटर नोएडा में ऐसे मोड़ों पर बेहतर साइनेज, बैरियर और लाइटिंग की जरूरत है।

यह घटना एक बार फिर शहर की सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्थायी समाधान जरूरी है। फैंस और सोशल मीडिया पर लोग इस हादसे पर चिंता जता रहे हैं और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। गनीमत रही कि इस बार कोई जान नहीं गई, लेकिन ऐसे हादसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

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