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ऑस्ट्रेलियन ओपन में भारत-पाक जैसा तनाव: टेनिस कोर्ट पर नहीं हुआ हैंडशेक, वजह है यूक्रेन-बेलारूस विवाद!

ऑस्ट्रेलियन ओपन में भारत-पाक जैसा तनाव: टेनिस कोर्ट पर नहीं हुआ हैंडशेक, वजह है यूक्रेन-बेलारूस विवाद!

मेलबर्न: क्रिकेट में भारत-पाकिस्तान मैचों की तरह अब टेनिस कोर्ट पर भी नो हैंडशेक का सीन देखने को मिला! ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के महिला सिंगल्स मैच में बेलारूस की आर्यना सबालेंका ने यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना को हराया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाया। यह परंपरा टेनिस में मैच के बाद और कभी-कभी टॉस पर भी होती है, लेकिन यहां पूरी तरह नजरअंदाज कर दी गई।

क्या हुआ था?

मैच के बाद सबालेंका ने नेट पर जाकर हाथ बढ़ाया, लेकिन स्वितोलिना ने इसे इग्नोर कर दिया और सीधे अपनी टीम की तरफ चली गईं।

इससे पहले भी कुछ मैचों में स्वितोलिना ने रूसी/बेलारूसी खिलाड़ियों से हैंडशेक नहीं किया है।

यह पहली बार नहीं – रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेनी खिलाड़ी रूसी और बेलारूसी (जो रूस का समर्थन करती है) खिलाड़ियों से हैंडशेक करने से इनकार कर रही हैं।

वजह: यूक्रेन पर रूसी हमले के खिलाफ प्रोटेस्ट। स्वितोलिना ने पहले कहा था कि “यह राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का मामला है।”

भारत-पाक मैच से तुलना क्यों?

ठीक वैसे ही जैसे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों में (एशिया कप 2025, आदि) राजनीतिक तनाव की वजह से नो हैंडशेक पॉलिसी अपनाई गई थी।

यहां भी जियोपॉलिटिकल टेंशन (रूस-यूक्रेन वॉर) खेल की स्पोर्ट्समैनशिप पर भारी पड़ रहा है।

ऑस्ट्रेलियन ओपन में यह सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लोग इसे “क्रिकेट जैसा ड्रामा” कह रहे हैं।

टेनिस में क्या नियम है?

WTA और ATP में हैंडशेक अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह स्पोर्ट्समैनशिप का हिस्सा माना जाता है।

कई यूक्रेनी खिलाड़ी (स्वितोलिना, कोस्ट्युक आदि) ने रूस-बेलारूस खिलाड़ियों से दूरी बनाई हुई है।

सबालेंका (बेलारूसी) ने पहले भी ऐसे मामलों में कहा है कि वह समझती हैं, लेकिन मैच में फोकस रखती हैं।

यह घटना दिखाती है कि खेल कितना भी बड़ा हो, राजनीतिक तनाव कभी-कभी कोर्ट पर भी दिख जाता है। ऑस्ट्रेलियन ओपन में अभी और मैच बाकी हैं – देखना होगा क्या और ऐसे सीन देखने को मिलते हैं!

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