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‘हां, मैंने इस्तीफा दे दिया…’: अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने शंकराचार्य विवाद पर छोड़ा पद, पत्नी से फोन पर फफक-फफक कर रो पड़े

‘हां, मैंने इस्तीफा दे दिया…’: अयोध्या GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने शंकराचार्य विवाद पर छोड़ा पद, पत्नी से फोन पर फफक-फफक कर रो पड़े

उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद अब अयोध्या संभाग में तैनात जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दो पन्नों का इस्तीफा पत्र उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेजा है।

क्यों दिया इस्तीफा?

प्रशांत कुमार सिंह ने अपने इस्तीफे में स्पष्ट किया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी (अपमानजनक बयान) से वे पिछले तीन दिनों से गहरे मानसिक तनाव और आहत महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा:

“जिस प्रदेश का नमक खाता हूं, जिस प्रदेश से मुझे सैलरी मिलती है, मैं उसका पक्षधर हूं।”

“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए मुख्यमंत्री हैं, उनका इस तरह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता।”

“सरकारी अधिकारी रोबोट नहीं होते, हमारे अंदर भी दिल और संवेदना है।”

उन्होंने आगे कहा कि वे पिछले दो रातों से सो नहीं पाए थे और इस पीड़ा को सहन नहीं कर पा रहे थे। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वे अपने संसाधनों से सामाजिक कार्य में लग जाएंगे।

भावुक पल: पत्नी से फोन पर रो पड़े

इस्तीफा देने के तुरंत बाद प्रशांत कुमार सिंह ने सबसे पहले अपनी पत्नी को फोन किया। बातचीत के दौरान उनकी आवाज भर्रा गई और वे फफक-फफक कर रो पड़े। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं:

“हां, हैलो… मैंने इस्तीफा दे दिया है… मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ। जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए। मैं बहुत पीड़ा में था।”

उन्होंने पत्नी को बताया कि उनकी दो छोटी बेटियां हैं और वे इस फैसले से भावुक हो गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग उनकी भावनाओं और निष्ठा की सराहना कर रहे हैं।

प्रशांत कुमार सिंह कौन हैं?

2023 से अयोध्या संभाग में राज्यकर विभाग (GST) के डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात।

कर्मठ और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं।

यह इस्तीफा शंकराचार्य विवाद में योगी सरकार के समर्थन में दूसरा बड़ा कदम है (पहला बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का)।

यह घटना UP में धार्मिक-प्रशासनिक विवाद को और गहरा कर रही है। शंकराचार्य विवाद (माघ मेले में पद की वैधता और टिप्पणियों) के कारण इस्तीफों का सिलसिला जारी है, जबकि सरकार अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे रही। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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