सावधान! उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में एवलॉन्च का खतरा; DGRE ने जारी किया ऑरेंज और रेड अलर्ट
देश के कई पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही अब बर्फीले तूफानों का खतरा मंडराने लगा है। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के लिए एवलॉन्च (हिमस्खलन) का अलर्ट जारी किया है।
यहाँ इस प्राकृतिक खतरे से जुड़ी पूरी समाचार रिपोर्ट दी गई है:
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के बाद अब ‘सफेद मौत’ यानी हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है। DRDO की लैब DGRE (Defence Geoinformatics Research Establishment) ने सैटेलाइट डेटा और स्थानीय मौसम की स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और सिक्किम के लिए चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड के 5 जिलों में ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट
उत्तराखंड में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। DGRE के अनुसार, राज्य के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ की परतें अस्थिर हो गई हैं।
* ऑरेंज अलर्ट: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों के 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का गंभीर खतरा है।
* येलो अलर्ट: बागेश्वर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों के लिए जारी किया गया है।
* प्रशासन की तैयारी: आपदा प्रबंधन सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखें।
देश के अन्य हिस्सों में स्थिति
* जम्मू-कश्मीर: यहाँ सबसे ज्यादा खतरा बताया गया है। 13 क्षेत्रों को अलर्ट जोन में रखा गया है, जिनमें से 6 क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
* लद्दाख: कारगिल में रेड अलर्ट और लेह में ऑरेंज अलर्ट जारी है।
* हिमाचल प्रदेश: लाहौल-स्पीति, कुल्लू, किन्नौर और चंबा जैसे जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
DGRE की महत्वपूर्ण सलाह
संस्थान ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए कुछ गाइडलाइन्स जारी की हैं:
* अनावश्यक यात्रा से बचें: अगले 24 से 48 घंटों तक बर्फीले ढलानों और पुराने एवलॉन्च वाले रास्तों पर जाने से बचें।
* कैंपिंग न करें: पहाड़ों की तलहटी या ढलानों के नीचे टेंट लगाने से बचें।
* सतर्कता: अगर आप बर्फीले क्षेत्र में फंसे हैं, तो स्थानीय प्रशासन या आपदा कंट्रोल रूम के संपर्क में रहें।
क्यों बढ़ा अचानक खतरा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण भारी बर्फबारी हुई है। नई बर्फ जब पुरानी जमी हुई बर्फ पर जमती है, तो वह फिसलने की संभावना बढ़ा देती है, जिससे हल्का सा कंपन भी बड़े हिमस्खलन का कारण बन सकता है।
