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Snapchat का बड़ा अपडेट: अब 7 दिनों तक क्या किया, पैरेंट्स को चल जाएगा पता; प्राइवेसी या सुरक्षा?

यह खबर उन सभी टीनेजर्स के लिए एक बड़ा अलर्ट है जो स्नैपचैट का इस्तेमाल करते हैं। स्नैपचैट ने अपने ‘Family Center’ फीचर को अपडेट किया है, जिससे अब माता-पिता को अपने बच्चों की पिछले 7 दिनों की एक्टिविटी की पूरी जानकारी मिल सकेगी।

यहाँ इस अपडेट पर आधारित एक विस्तृत समाचार रिपोर्ट दी गई है:

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट (Snapchat) ने टीनेजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने ‘फैमिली सेंटर’ (Family Center) में कई महत्वपूर्ण फीचर्स जोड़े हैं। इस अपडेट के बाद, अब माता-पिता यह आसानी से ट्रैक कर सकेंगे कि उनके बच्चे ऐप पर कितना समय बिता रहे हैं और वे किन लोगों के संपर्क में हैं।

क्या-क्या देख सकेंगे पैरेंट्स?

नए अपडेट के अनुसार, अगर आपका अकाउंट पैरेंट्स के साथ लिंक है, तो वे निम्नलिखित जानकारियों तक पहुँच सकते हैं:

* 7 दिनों की एक्टिविटी रिपोर्ट: पिछले एक हफ्ते में आपने औसतन कितना समय स्नैपचैट पर बिताया है।

* एक्टिविटी ब्रेकडाउन: पैरेंट्स यह देख पाएंगे कि आपने सबसे ज्यादा समय कहाँ बिताया—चैटिंग में, कैमरे से स्नैप्स बनाने में, ‘Snap Map’ देखने में या ‘Spotlight’ वीडियो देखने में।

* नए दोस्तों की जानकारी: अगर आपने पिछले 7 दिनों में किसी नए व्यक्ति को फ्रेंड लिस्ट में जोड़ा है, तो पैरेंट्स को इसकी जानकारी मिलेगी। साथ ही, उन्हें यह भी दिखेगा कि उस व्यक्ति के साथ आपके कितने ‘Mutual Friends’ हैं।

* लोकेशन शेयरिंग: पैरेंट्स अब यह चेक कर सकते हैं कि क्या आप अपनी लाइव लोकेशन दोस्तों के साथ शेयर कर रहे हैं या नहीं।

क्या प्राइवेसी खत्म हो जाएगी?

स्नैपचैट ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर ‘निगरानी’ (Surveillance) के लिए नहीं बल्कि ‘सुरक्षा’ (Safety) के लिए है।

राहत की बात: पैरेंट्स आपके द्वारा भेजे गए मैसेज या स्नैप्स के कंटेंट (Content) को नहीं पढ़ पाएंगे। उन्हें सिर्फ यह पता चलेगा कि आप किससे बात कर रहे हैं, लेकिन क्या बात कर रहे हैं, यह अभी भी प्राइवेट रहेगा।

कैसे काम करेगा यह फीचर?

* पैरेंट्स को अपने स्नैपचैट अकाउंट से बच्चे को ‘Family Center’ ज्वाइन करने का इनविटेशन भेजना होगा।

* जब बच्चा उस इनविटेशन को स्वीकार (Accept) करेगा, तभी पैरेंट्स को ये डिटेल्स दिखनी शुरू होंगी।

* यह फीचर 13 से 18 साल तक के यूजर्स के लिए बनाया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

दुनियाभर में बढ़ते साइबर बुलिंग और अनजान लोगों द्वारा बच्चों को टारगेट किए जाने के मामलों को देखते हुए स्नैपचैट पर दबाव था। कंपनी का मानना है कि इस फीचर से पैरेंट्स और बच्चों के बीच ‘डिजिटल आदतों’ को लेकर बेहतर बातचीत हो सकेगी।

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