ट्रंप का ‘मेक अमेरिका ग्रेट’ सिर्फ दिखावा? दूसरे कार्यकाल के पहले साल में 1.4 अरब डॉलर की कमाई, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
ट्रंप का ‘मेक अमेरिका ग्रेट’ सिर्फ दिखावा? दूसरे कार्यकाल के पहले साल में 1.4 अरब डॉलर की कमाई, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में उनकी व्यक्तिगत कमाई ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। एक स्वतंत्र जांच रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि ट्रंप ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) का नारा देकर चुनाव जीता, लेकिन सत्ता में आने के बाद अमेरिका की बजाय अपनी जेबें भरीं। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में उनके कारोबारों से कुल 1.4 अरब डॉलर (करीब 11,600 करोड़ रुपये) की कमाई हुई, जो उनके प्रेसिडेंसी के दौरान विदेशी निवेश, रिसॉर्ट्स और ब्रांडिंग से जुड़ी थी। विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इसे “संघर्ष हित” (conflict of interest) का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए इम्पीचमेंट की मांग की है।
रिपोर्ट के मुख्य खुलासे
जांच समिति (सिटीजन फॉर रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एथिक्स इन वॉशिंगटन – CREW) की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने सऊदी अरब, चीन और रूस जैसे देशों से 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हासिल किया।
उनके गोल्फ रिसॉर्ट्स (ट्रंप नेशनल और मार-ए-लागो) में विदेशी डिप्लोमैट्स की मीटिंग्स से 300 मिलियन डॉलर की कमाई हुई।
ब्रांडिंग और मर्चेंडाइज (MAGA कैप्स, बुक्स आदि) से 600 मिलियन डॉलर आए।
रिपोर्ट में आरोप है कि ट्रंप ने सरकारी नीतियों (जैसे टैरिफ छूट और डील्स) का फायदा अपने बिजनेस को पहुंचाया, जबकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी 7% पर पहुंच गई और महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर है।
ट्रंप का पक्ष
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने रिपोर्ट को “फेक न्यूज” करार दिया और कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका को मजबूत बनाया है—हमारी अर्थव्यवस्था रिकवर हो रही है, बॉर्डर सुरक्षित हैं। उनकी कमाई वैध है और वे पहले से अमीर थे।” ट्रंप ने X पर पोस्ट किया: “डेमोक्रेट्स मेरी सफलता से जलते हैं। मैंने अमेरिका को ग्रेट बनाया, वे इसे बर्बाद करना चाहते हैं!”
विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
डेमोक्रेटिक लीडर नैंसी पेलोसी ने कहा, “ट्रंप ने प्रेसिडेंसी को पर्सनल ATM बना लिया। 1.4 अरब डॉलर की कमाई अमेरिकी संविधान के एमोल्यूमेंट क्लॉज का उल्लंघन है।” सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने आरोप लगाया कि ट्रंप की नीतियां अमीरों के लिए हैं, जबकि आम अमेरिकी महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। CREW ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जहां ट्रंप की इम्युनिटी पर बहस चल रही है।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
ट्रंप का दूसरा कार्यकाल (2025 से शुरू) ग्रीनलैंड विवाद, NATO टेंशन और आर्थिक चुनौतियों से घिरा रहा है। पहले कार्यकाल में भी एमोल्यूमेंट मुद्दे उठे थे, लेकिन अब रिपोर्ट ने इसे फिर से सुर्खियों में ला दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्कैंडल 2026 मिडटर्म इलेक्शंस को प्रभावित कर सकता है, जहां रिपब्लिकन्स की सत्ता दांव पर है।
अमेरिका में ट्रंप समर्थकों और विरोधियों के बीच ध्रुवीकरण बढ़ रहा है—क्या यह ‘ग्रेट अमेरिका’ का सपना है, या सिर्फ ट्रंप का पर्सनल एम्पायर? जांच जारी है, लेकिन सवालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
