वाराणसी: मणिकर्णिका घाट विवाद पर सीएम योगी का सख्त रुख – ‘कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रम फैला रहे हैं, काशी को बदनाम करने की साजिश’
वाराणसी: मणिकर्णिका घाट विवाद पर सीएम योगी का सख्त रुख – ‘कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रम फैला रहे हैं, काशी को बदनाम करने की साजिश’
वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट (महाश्मशान) पर चल रहे पुनर्विकास और कायाकल्प कार्यों को लेकर पिछले एक सप्ताह से सियासी और सोशल मीडिया पर तीखा विवाद चल रहा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि विकास के नाम पर रानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा स्थापित ऐतिहासिक मूर्तियां, चबूतरे और संरचनाओं को क्षति पहुंचाई गई है। विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, ने सरकार पर काशी की विरासत को नष्ट करने का आरोप लगाया है।
इस बीच आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अचानक वाराणसी पहुंचे। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया, काल भैरव मंदिर में आरती उतारी और सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विवाद पर अपना पक्ष रखा। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रम फैला रहे हैं और काशी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
सीएम योगी के प्रमुख बयान
“काशी अविनाशी है। हर भारतीय काशी के प्रति असीम श्रद्धा रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो व्यापक विकास और सम्मान मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। आजादी के बाद काशी की उपेक्षा हुई, अब हम उसके प्राचीन स्वरूप को बहाल कर रहे हैं।”
“कुछ लोग टूटी मूर्तियों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर भ्रम फैला रहे हैं। ये कई मामले AI जनरेटेड हैं। कोई मंदिर या देवी-देवताओं की मूर्ति क्षतिग्रस्त नहीं हुई है। सभी ऐतिहासिक कलाकृतियां और मूर्तियां सुरक्षित हैं और पुनर्निर्माण के बाद उचित स्थान पर स्थापित की जाएंगी।”
“काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के समय भी ऐसे भ्रम फैलाए गए थे, अब मणिकर्णिका घाट के विकास में भी गलतफहमी पैदा की जा रही है। यह साजिश है ताकि विकास कार्य रुके।”
“मणिकर्णिका घाट पर प्लेटफॉर्म इतना ऊंचा बनाया जाएगा कि गंगा का पानी न पहुंचे। जगह बढ़ेगी, स्वच्छता होगी, अंतिम संस्कार में विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। शवों की राख से गंगा का COD स्तर बढ़ता है, इसे भी नियंत्रित किया जाएगा।”
विवाद की पृष्ठभूमि
मणिकर्णिका घाट पर 35 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण का पुनर्निर्माण चल रहा है। काम के दौरान पुरानी सीढ़ियां, चबूतरे और कुछ संरचनाओं को हटाया गया, जिसके वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। अहिल्याबाई होल्कर ट्रस्ट ने भी क्षति की शिकायत की और जांच की मांग की। प्रशासन का कहना है कि कोई मंदिर नहीं टूटा, मूर्तियां सुरक्षित हैं और विकास से घाट की क्षमता बढ़ेगी।
सीएम योगी के दौरे के दौरान मणिकर्णिका घाट जाने का कार्यक्रम अंतिम समय में रद्द कर दिया गया, लेकिन उन्होंने निरीक्षण और स्थिति की समीक्षा की। पुलिस बल तैनात रहा और कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ।
यह विवाद काशी के धार्मिक महत्व को देखते हुए राजनीतिक रंग ले चुका है। सीएम योगी ने चेतावनी दी कि विकास में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, और जनता से अपील की कि भ्रम में न आएं। काशी के विकास को लेकर सरकार का संकल्प अटल है।
