बिहार के मोतिहारी में स्थापित हुआ विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग: 2 लाख किलो वजनी, 33 फीट ऊंचा – देखकर हो जाएंगे हैरान!
बिहार के मोतिहारी में स्थापित हुआ विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग: 2 लाख किलो वजनी, 33 फीट ऊंचा – देखकर हो जाएंगे हैरान!
बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया (केसरिया ब्लॉक) में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में आज एक ऐतिहासिक और धार्मिक क्षण दर्ज हुआ। यहां विश्व का सबसे बड़ा और सबसे ऊंचा शिवलिंग (सहस्त्रलिंगम) सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। यह शिवलिंग अपनी भव्यता, वजन और ऊंचाई से हर किसी को आश्चर्यचकित कर रहा है।
शिवलिंग की खासियतें
ऊंचाई: 33 फीट (लगभग तीन मंजिला इमारत जितनी)
वजन: 210 मीट्रिक टन (यानी 2 लाख 10 हजार किलोग्राम या 2 लाख किलो)
चौड़ाई/परिधि: 33 फीट (एक ही ब्लॉक से)
सामग्री: एक ही विशाल काले ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया
विशेष: इस पर हजारों छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं, इसे सहस्त्रलिंगम (1008 शिवलिंगों के समान) कहा जा रहा है
निर्माण: तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 10 वर्षों में 1008 कारीगरों ने तैयार किया
यह शिवलिंग विराट रामायण मंदिर के पहले चरण के शिव मंदिर में स्थापित किया गया है। मंदिर परिसर 120 एकड़ में फैला है और 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह मंदिर 18 शिखरों वाला होगा, मुख्य शिखर 270 फीट ऊंचा, और अयोध्या राम मंदिर से भी बड़ा होने का दावा किया जा रहा है।
यात्रा और स्थापना की चुनौतियां
शिवलिंग को महाबलीपुरम से 21 नवंबर 2025 को रवाना किया गया था।
कुल दूरी: लगभग 2,300-2,500 किलोमीटर (तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार)।
परिवहन: 96-110 पहियों वाला स्पेशल ट्रक (ट्रक का वजन 160 टन + शिवलिंग = कुल 350+ टन)।
रास्ते में गोपालगंज में डुमरियाघाट पुल पर फंस गया था, क्योंकि पुल जर्जर था और वजन सहन नहीं कर पाता। प्रशासन ने विशेष इंतजाम कर सुरक्षित पहुंचाया।
आज स्थापना: वाराणसी-अयोध्या के पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल मंगवाए गए। 18 फीट की विशाल माला चढ़ाई गई। जल अभिषेक हेलीकॉप्टर से किया गया (पवित्र जल: कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, सोनपुर से)।
मौके पर: हजारों श्रद्धालु उमड़े, हर-हर महादेव के जयकारे गूंजे। सीएम नीतीश कुमार सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
यह शिवलिंग अब विराट रामायण मंदिर का मुख्य आकर्षण बनेगा, जो बिहार के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देगा। पहले तंजौर (तमिलनाडु) का शिवलिंग सबसे बड़ा माना जाता था, लेकिन अब मोतिहारी का यह कीर्तिमान विश्व स्तर पर चर्चा में है।
श्रद्धालुओं से अपील: सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का ध्यान रखें, और इस ऐतिहासिक स्थल के दर्शन के लिए मोतिहारी पहुंचें – जहां आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा!
