राजनीति

BMC चुनाव में कांग्रेस का हाल: मुंबई में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन, सिर्फ 10-16 सीटों के आसपास सिमटी पार्टी

BMC चुनाव में कांग्रेस का हाल: मुंबई में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन, सिर्फ 10-16 सीटों के आसपास सिमटी पार्टी

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। 227 वार्डों वाली BMC में कांग्रेस 10 से 16 सीटों के बीच सिमट गई है, जो पार्टी के लिए बड़ा झटका है। महायुति (BJP + शिंदे शिवसेना) ने बहुमत (130+ सीटें) पार कर लिया, जबकि शिवसेना (UBT) + MNS गठबंधन 65-75 के आसपास है। कांग्रेस का वोट प्रतिशत और सीटें पिछले 2017 चुनाव (31 सीटें) से काफी कम हैं।

BMC में कांग्रेस के प्रमुख अपडेट्स (मतगणना के रुझान और घोषित परिणामों के आधार पर):

कुल लीड/जीत: अधिकांश रिपोर्ट्स में कांग्रेस 11-16 सीटों पर आगे या जीती हुई दिख रही है।

कुछ चैनलों पर 13 सीटें (TOI रिपोर्ट)।

शाम 4:40 बजे तक 16 सीटों पर लीड (Indian Express)।

शुरुआती रुझानों में 3-5 से बढ़कर अब 10+ पहुंची।

कुछ प्रमुख जीत:

वार्ड 183 (धरावी): आशा दीपक काले (कांग्रेस) ने शिवसेना उम्मीदवार वैशाली शेवाले को 1,450+ वोटों से हराया।

वार्ड 157: आशा तावड़े (कांग्रेस) ने शिवसेना (UBT) की सरिता म्हास्के को हराया।

वार्ड 183 में कांग्रेस की जीत धरावी जैसे पारंपरिक इलाके में मजबूती दिखाती है।

कुल मिलाकर: कांग्रेस मुंबई में तीसरे या चौथे नंबर पर सिमट गई। AIMIM ने भी कुछ सीटें (जैसे वार्ड 134) जीतीं, जो कांग्रेस के वोट बैंक को प्रभावित कर सकती हैं।

राज्य स्तर पर कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर:

BMC में तो फ्लॉप, लेकिन महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में कांग्रेस ने कुछ जगह मजबूत प्रदर्शन किया।

लातूर: कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतीं (BJP दूर दूसरे स्थान पर 22)।

कोल्हापुर, भिवंडी, चंद्रपुर: कांग्रेस आगे या मजबूत स्थिति में।

नागपुर: दूसरे स्थान पर (22 वार्ड्स में लीड)।

कुल मिलाकर महाराष्ट्र की सिविक बॉडीज में कांग्रेस तीसरे सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, लेकिन मुंबई (BMC) में इसका कोई खास योगदान नहीं।

क्यों इतना खराब रहा मुंबई में?

ठाकरे भाइयों (उद्धव + राज) के गठबंधन ने ‘मराठी अस्मिता’ कार्ड खेला, जिससे कांग्रेस का वोट बैंक बंट गया।

महायुति की विकास वाली छवि (मेट्रो, कोस्टल रोड आदि) ने ज्यादा असर किया।

कांग्रेस अलग-अलग लड़ी, लेकिन संगठन कमजोर और लोकल लीडरशिप की कमी दिखी।

एग्जिट पोल्स में भी कांग्रेस को 20-23 सीटें (VBA के साथ) का अनुमान था, लेकिन रियल रिजल्ट इससे भी कम।

BMC में कांग्रेस का ये प्रदर्शन पार्टी के लिए चिंता की बात है, खासकर मुंबई जैसे महानगर में जहां वो पहले मजबूत थी। अब मेयर पद महायुति के हाथ में जाएगा, और कांग्रेस की भूमिका विपक्ष में सीमित रह जाएगी। क्या लगता है आपको – कांग्रेस का मुंबई में भविष्य? कमेंट में बताएं!

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