उत्तराखंड

काठगोदाम होटल में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या: परिवार की तीन मांगों में से दो पर प्रशासन ने दिया आश्वासन, बड़ा आंदोलन की चेतावनी!

काठगोदाम होटल में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या: परिवार की तीन मांगों में से दो पर प्रशासन ने दिया आश्वासन, बड़ा आंदोलन की चेतावनी!

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के काठगोदाम थाना क्षेत्र में एक होटल में आत्महत्या करने वाले किसान सुखवंत सिंह (40 वर्ष, काशीपुर पैगा गांव निवासी) का पोस्टमार्टम के बाद शव 11 जनवरी 2026 शाम को उनके पैतृक घर काशीपुर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार, रिश्तेदारों, किसानों और स्थानीय लोगों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और परिजनों ने सरकार-प्रशासन के सामने तीन अहम मांगें रखीं। उन्होंने 12 बजे तक (दोपहर) कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया और चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने तीन में से दो मांगों पर तुरंत आश्वासन दे दिया।

घटना का पूरा विवरण

सुखवंत सिंह 4 करोड़ रुपये की जमीन ठगी (लैंड फ्रॉड) से गंभीर मानसिक तनाव में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने बक्सौरा गांव में 7 एकड़ जमीन दिखाकर दूसरा प्लॉट रजिस्टर करा दिया। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, बल्कि दबाव बनाया। शनिवार रात (10 जनवरी) उन्होंने फेसबुक लाइव पर 4 मिनट से ज्यादा का वीडियो बनाया, जिसमें 27 लोगों (प्रॉपर्टी डीलरों) और ऊधम सिंह नगर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में कहा: “वीडियो देख रहे हैं तो मैं मर चुका हूं।” फिर खुद को गोली मार ली। पत्नी प्रदीप कौर और 14 साल के बेटे गुरसहज सिंह कमरे से बाहर भागे, लेकिन उन्हें भी छर्रे लगे।

परिवार की तीन मुख्य मांगें

1. आत्महत्या से पहले बनाए वीडियो को ठोस सबूत मानें — वीडियो में नामजद अधिकारियों/व्यक्तियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

(यह मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई, जांच चल रही है।)

2. नामजद पुलिस अधिकारियों पर सस्पेंशन/कार्रवाई— वीडियो में आरोपित थाना प्रभारी आदि को तत्काल निलंबित किया जाए।

(प्रशासन ने आश्वासन दिया — कई पुलिसकर्मी पहले ही सस्पेंड/लाइन हाजिर किए गए हैं।)

3. परिवार को न्याय और सहायता— पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो।

(प्रशासन ने आश्वासन दिया — मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।)

प्रशासन की कार्रवाई और आश्वासन

– मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को संवेदनशील बताते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत जांच कर रहे हैं।

– ऊधम सिंह नगर पुलिस पर लापरवाही के आरोपों के बाद आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन रौतेला, उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट सहित कई पुलिसकर्मी निलंबित/लाइन हाजिर।

– परिवार को हर संभव सहायता का वादा, जांच में वीडियो और सुसाइड नोट को मुख्य सबूत माना जा रहा है।

– दोपहर 12 बजे तक की समयसीमा पर प्रशासन ने दो मांगों पर आश्वासन देकर स्थिति संभाली, लेकिन तीसरी मांग पर अभी फैसला बाकी।

ये मामला उत्तराखंड में जमीन ठगी, पुलिस लापरवाही और किसानों की पीड़ा को उजागर कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। परिवार अब न्याय की उम्मीद में है, लेकिन आंदोलन की चेतावनी से तनाव बना हुआ है।

आप क्या सोचते हैं — वीडियो को सबूत मानकर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में बताएं।

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