सिगरेट का धुआं, खून से लथपथ चेहरा… ईरान में हिजाब आजादी का परचम बनकर लहरा रहा!
सिगरेट का धुआं, खून से लथपथ चेहरा… ईरान में हिजाब आजादी का परचम बनकर लहरा रहा!
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने एक नया और बेहद प्रभावशाली रूप ले लिया है। महिलाएं हिजाब उतारकर, सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उनसे सिगरेट जलाती दिख रही हैं। यह कार्रवाई सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लैंगिक नियमों, सामाजिक प्रतिबंधों और सरकारी दमन के खिलाफ एक मजबूत प्रतीक बन गई है। साथ ही, कई वीडियो में महिलाओं के खून से सने चेहरे (bloody lips/face) और बहादुरी से नारे लगाते हुए देखा जा रहा है, जो दमन के बावजूद उनकी हिम्मत को दिखाता है।
नया प्रतीक: सिगरेट और जलती तस्वीर
महिलाएं बिना हिजाब के खामेनेई की फोटो जलाती हैं और उस आग से सिगरेट जलाती हैं।
ईरान में महिलाओं के लिए सिगरेट पीना सामाजिक रूप से वर्जित और प्रतिबंधित है, जबकि सुप्रीम लीडर की तस्वीर जलाना गंभीर अपराध माना जाता है।
यह दोहरी चुनौती है – राज्य की सत्ता और महिलाओं पर लगे कड़े सामाजिक नियमों (जैसे अनिवार्य हिजाब) दोनों के खिलाफ।
सोशल मीडिया (X, Instagram, Telegram) पर ये वीडियो वायरल हो रहे हैं, हजारों बार शेयर हो चुके हैं। इसे 2022 की महिला, जीवन, आजादी (Woman, Life, Freedom) आंदोलन की नई कड़ी माना जा रहा है।
खून से लथपथ चेहरा: दमन का सबूत
कई वीडियो में महिलाएं खून से सने होंठों (bloody lips) के साथ सड़कों पर नारे लगा रही हैं।
एक बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल हुआ जहां वह खून से लथपथ चेहरे के साथ चिल्लाती हैं: “मैं डरती नहीं हूं, मैं 47 साल से मर चुकी हूं!”
ये इमेजेस पुलिस की हिंसा, लाठीचार्ज और गोलीबारी का सीधा नतीजा हैं। प्रदर्शनों में अब तक 200+ मौतें (ज्यादातर लाइव फायरिंग से) और हजारों गिरफ्तारियां रिपोर्ट हुई हैं।
प्रदर्शन क्यों और कब तेज हुए?
दिसंबर 2025 से शुरू हुए ये विरोध आर्थिक संकट (महंगाई, कमजोर रियाल, बेरोजगारी) से भड़के।
2022 में महसा अमिनी की मौत (हिजाब न पहनने पर गिरफ्तारी के बाद) के बाद शुरू हुआ Woman, Life, Freedom आंदोलन आज भी जारी है।
नई लहर में महिलाएं जिम्नास्टिक्स कर रही हैं, नग्न होकर पुलिस वाहनों पर चढ़ रही हैं, और तुरबन उतार रही हैं।
इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद वीडियो बाहर आ रहे हैं, जो वैश्विक ध्यान खींच रहे हैं।
ईरान की महिलाएं कह रही हैं – हिजाब अब सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आजादी का परचम बन चुका है। सिगरेट का धुआं और खून से सने चेहरे इस संघर्ष की ताकत हैं। दुनिया देख रही है, और ईरान की सड़कें गवाह हैं कि दमन कितना भी हो, आजादी की लड़ाई रुकेगी नहीं!
