केरल में बीजेपी की बढ़ती ताकत: अमित शाह का दावा – ‘20% से 40% तक पहुंचना अब दूर नहीं’
केरल में बीजेपी की बढ़ती ताकत: अमित शाह का दावा – ‘20% से 40% तक पहुंचना अब दूर नहीं’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भविष्य को लेकर बड़ा और आत्मविश्वास भरा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पार्टी का वोट शेयर लगातार बढ़ रहा है और अब 20 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। शाह ने यह बात तिरुवनंतपुरम में नवनिर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही, जहां उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में बड़ा राजनीतिक बदलाव का वादा किया।
शाह ने बीजेपी के वोट शेयर की प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केरल में मात्र 11 प्रतिशत वोट मिले थे, जो 2019 में बढ़कर 16 प्रतिशत और 2024 में 20 प्रतिशत हो गया। उन्होंने कहा,
“अब 20 से 30 और फिर 30 से 40 प्रतिशत तक का सफर तय करने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। हम इसे 2026 में ही साबित कर देंगे। इस बार केरल में बीजेपी का मुख्यमंत्री जरूर चुना जाएगा।”
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अपने कार्यक्रमों में शामिल हुए अमित शाह ने एलडीएफ (वाम मोर्चा) और यूडीएफ (कांग्रेस मोर्चा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दोनों मोर्चों पर भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण की राजनीति, विकास में कमी और रेमिटेंस पर निर्भर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। शाह का कहना था कि केरल को अब एक नई दिशा की जरूरत है, जो केवल बीजेपी-एनडीए ही दे सकती है।
हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, जहां एनडीए ने 50 वार्ड जीते और पहली बार मेयर पद पर कब्जा किया। शाह ने इसे राज्य में पार्टी की बढ़ती पैठ का सबूत बताया और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘विकसित केरलम’ के लक्ष्य के साथ और जोश से काम करें।
यह दावा ऐसे समय में आया है जब बीजेपी केरल की पारंपरिक दो-ध्रुवीय राजनीति (एलडीएफ बनाम यूडीएफ) को चुनौती देकर तीसरी ताकत के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि 20% से सीधे सरकार बनाने लायक वोट शेयर तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन पार्टी की लगातार बढ़ती उपस्थिति इसे संभव बना सकती है।
2026 के विधानसभा चुनाव केरल की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं, और अमित शाह का यह बयान बीजेपी की ‘मिशन 2026’ की मजबूत शुरुआत माना जा रहा है।
