अजित पवार की बड़ी बात: शरद पवार से हाथ मिलाने की मांग है, लेकिन फैसला सही वक्त पर!
मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर पवार परिवार की एकता की चर्चाएं जोरों पर हैं। एनसीपी के अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के बीच पूर्ण एकीकरण या बड़े गठबंधन की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मांग है लेकिन फैसला समय आने पर…” – यानी कार्यकर्ताओं में दोनों गुटों के साथ आने की मांग है, लेकिन अंतिम फैसला सही समय पर लिया जाएगा।
अजित पवार ने एक इंटरव्यू में साफ किया कि अभी तक दोनों एनसीपी के बीच कोई औपचारिक चर्चा या अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “ये खबरें मीडिया में उछल रही हैं, लेकिन अब तक कोई फाइनल बात नहीं हुई। पुणे के कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर दोनों एनसीपी साथ आ जाएं, तो वोटों का बंटवारा रुकेगा और राजनीतिक फायदा होगा। इसी संदर्भ में मैंने सुप्रिया सुले और शशिकांत शिंदे से फोन पर बात की, और पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला।”
पुणे-पिंपरी चिंचवड़ में पहले से हाथ मिल चुके
हालांकि, निकाय चुनावों में दोनों गुट पहले ही साथ आ चुके हैं। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका चुनावों (15 जनवरी 2026 को) के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया, जिसमें अजित पवार और सुप्रिया सुले ने एक मंच साझा किया। अजित पवार ने रैली में कहा था कि “परिवार फिर से एकजुट हो गया है” और ‘घड़ी’ व ‘तुरही’ एक साथ चुनाव लड़ेंगे। यह 2023 के विभाजन के बाद पहला बड़ा कदम है!
परिवार में तनाव खत्म?
अजित पवार ने आगे कहा कि “दोनों एनसीपी अब साथ हैं, परिवार में सारे तनाव खत्म हो चुके हैं”। कार्यकर्ता एकता चाहते हैं, और यह स्थानीय स्तर पर मजबूत होने की शुरुआत है। हालांकि, बड़ा एकीकरण या राज्य/केंद्र स्तर पर गठबंधन अभी अनिश्चित है – अजित ने जोर दिया कि फैसला “समय आने पर” होगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में यह विकास बड़ा ट्विस्ट ला सकता है – क्या पवार परिवार फिर से एक हो जाएगा? या सिर्फ चुनावी मजबूरी? फैंस और राजनीतिक विश्लेषक इस पर नजरें गड़ाए हुए हैं। क्या आप भी पवार फैमिली की एकता चाहते हैं? कमेंट में बताएं!
