कोहिनूर की वापसी: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने किंग चार्ल्स से दो-टूक कहा- ‘हमारा हीरा लौटा दो’
कोहिनूर की वापसी: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने किंग चार्ल्स से दो-टूक कहा- ‘हमारा हीरा लौटा दो’
न्यूयॉर्क | विदेश डेस्क
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने साबित कर दिया है कि भले ही उनकी परवरिश सात समंदर पार हुई हो, लेकिन उनके संस्कार और जड़ें आज भी पूरी तरह हिंदुस्तानी हैं। अमेरिका की यात्रा पर आए ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स तृतीय के सम्मान में आयोजित औपचारिकताओं के बीच, ममदानी ने एक ऐसी मांग रख दी जिसने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल मचा दी है।
”औपचारिकता नहीं, न्याय चाहिए”
बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ममदानी से पूछा गया कि किंग चार्ल्स से मुलाकात होने पर उनकी बातचीत का मुख्य मुद्दा क्या होगा, तो उन्होंने कूटनीतिक ‘नरम लहजे’ को दरकिनार कर दिया। उन्होंने बिना किसी झिझक के कहा:
“अगर मैं राजा से बात करता… तो मैं शायद उनसे कोहिनूर हीरा वापस करने के लिए कहूंगा।”
मीरा नायर के बेटे ने याद दिलाया ‘काला अतीत’
ममदानी की मां मशहूर फिल्म निर्माता मीरा नायर हैं, जिन्होंने भारतीय संस्कृति को हमेशा अपनी फिल्मों के जरिए वैश्विक मंच पर रखा है। ममदानी का यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि उस औपनिवेशिक दर्द की गूंज है जिसे भारत सदियों से महसूस करता आया है। आमतौर पर मेयर और राजघराने के बीच बातचीत सख्त प्रोटोकॉल के तहत होती है, लेकिन ममदानी ने इतिहास के पन्नों को खोलकर ब्रिटेन को उसके अतीत का आईना दिखा दिया।
9/11 की 25वीं बरसी पर मुलाकात
यह बयान उस समय आया जब किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला न्यूयॉर्क के वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पहुंचे थे। वहां 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी मनाई जा रही थी। इस गंभीर अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ममदानी भी शामिल हुए, जहां उनकी इस मांग ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया।
कोहिनूर: लूटा हुआ खजाना या उपहार?
भारत के लिए कोहिनूर सिर्फ एक कीमती पत्थर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है।
इतिहास: भारत की कोल्लूर खान से निकला यह हीरा 1849 में दूसरे एंग्लो-सिख युद्ध के बाद छीना गया था।
दबाव की संधि: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने महज 10 साल के महाराजा दलीप सिंह से जबरन लाहौर की संधि पर हस्ताक्षर कराए थे।
वर्तमान स्थिति: आज यह 105.6 कैरेट का हीरा ब्रिटेन की ‘क्वीन मदर’ के ताज में जड़ा है और लंदन के टॉवर ऑफ लंदन में रखा है।
वैश्विक स्तर पर उठ रही मांग
ममदानी की यह आवाज अकेली नहीं है। दुनिया भर में अब पश्चिमी देशों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरें वापस मांगने का चलन बढ़ा है:
भारत: कोहिनूर हीरे की वापसी की निरंतर मांग।
ग्रीस: ‘एल्गिन मार्बल्स’ की मांग।
अफ्रीका: ‘बेनिन ब्रॉन्ज़’ मूर्तियों की वापसी के लिए दबाव।
ब्रिटेन भले ही इसे कानूनी संधि का हिस्सा बताए, लेकिन ममदानी जैसे नेताओं और भारतीय इतिहासकारों का साफ मानना है कि एक बच्चे से दबाव में छीन ली गई चीज ‘उपहार’ नहीं, बल्कि ‘लूट’ कहलाती है।
