ट्रंप-पुतिन की 90 मिनट की ‘मैराथन’ फोन कॉल: ईरान सीजफायर और यूक्रेन पर प्रमुख चर्चा
ट्रंप-पुतिन की 90 मिनट की ‘मैराथन’ फोन कॉल: ईरान सीजफायर और यूक्रेन पर प्रमुख चर्चा
वाशिंगटन/मॉस्को, 30 अप्रैल 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बुधवार को फोन पर करीब 90 मिनट तक विस्तृत बातचीत हुई। क्रेमलिन ने इस कॉल को “फ्रैंक और बिजनेस-लाइक” बताया, जबकि ट्रंप ने इसे “बहुत अच्छी बातचीत” करार दिया। यह मार्च के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली ज्ञात प्रत्यक्ष कॉल थी।
मुख्य मुद्दे जिन पर चर्चा हुई:
ईरान और मिडिल ईस्ट संकट: दोनों नेताओं ने ईरान और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) की स्थिति पर खास ध्यान दिया। पुतिन ने ट्रंप के हालिया ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया और कहा कि इससे बातचीत को मौका मिलेगा और क्षेत्र में स्थिरता आएगी। पुतिन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी कुछ नए प्रस्ताव रखे और अमेरिका-इजराइल द्वारा किसी नई सैन्य कार्रवाई के “बहुत हानिकारक” परिणामों की चेतावनी दी। ट्रंप ने बताया कि पुतिन ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को संभालने में मदद की पेशकश की, लेकिन ट्रंप ने जवाब दिया कि पहले यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर फोकस करें।
यूक्रेन युद्ध और अस्थायी सीजफायर: ट्रंप ने यूक्रेन में “थोड़ा सा सीजफायर” का सुझाव दिया। पुतिन ने 9 मई के विक्ट्री डे (द्वितीय विश्व युद्ध की जीत की वर्षगांठ) के मौके पर अस्थायी सीजफायर घोषित करने की तैयारियों का जिक्र किया, जिसे ट्रंप ने सक्रिय समर्थन दिया। ट्रंप ने बाद में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि वह ऐसा कर सकते हैं।”
अन्य मुद्दे: कुछ रिपोर्ट्स में वॉशिंगटन में हालिया होटल फायरिंग (White House shooting/Hilton incident) का भी जिक्र आया, हालांकि मुख्य फोकस ईरान और यूक्रेन पर ही रहा।
क्रेमलिन के सहायक यूरी उशाकोव ने बताया कि बातचीत “दोस्ताना और व्यावहारिक” माहौल में हुई। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में रिपोर्टर्स से कहा कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और चर्चा सकारात्मक रही।
अपडेट (30 अप्रैल 2026 तक):
ईरान के साथ सीजफायर फिलहाल बढ़ाया गया है, लेकिन ट्रंप ने साफ किया कि परमाणु मुद्दे पर कोई समझौता न होने तक ब्लॉकेड जारी रह सकता है।
यूक्रेन में वीकेंड या विक्ट्री डे के आसपास छोटा सीजफायर संभव दिख रहा है, हालांकि स्थायी समाधान अभी दूर है।
दोनों पक्षों ने आगे की कूटनीति जारी रखने पर सहमति जताई है।
यह कॉल वैश्विक स्तर पर तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर जब ईरान-अमेरिका तनाव और यूक्रेन युद्ध दोनों ही सक्रिय हैं। आगे की डेवलपमेंट्स पर नजर बनी हुई है।
स्रोत: क्रेमलिन ब्रिफिंग, ट्रंप के बयान और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर।
